अमृत टुडे, रायपुर छत्तीसगढ़ 18 अप्रैल 2026 । विजय शर्मा का बंगाली नारा‑आधारित संदेश – “बंगालवासी बदलाव चाहते हैं, सबको वोट डालना चाहिए”।
विवरण: छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री व गृहमंत्री विजय शर्मा ने पश्चिम बंगाल की राजनीतिक स्थिति और आगामी विधानसभा चुनाव पर अपना मंतव्य रखते हुए कहा कि “मैं बंगाल में भी गया हूँ। वहां एक ही नारा चल रहा है: ‘पलटानों दरकार चाय, बीजेपी सरकार चाय’।” उन्होंने स्पष्ट किया कि इस बंगाली नारे का अर्थ है – सरकार बदलने की जरूरत है और बंगालियों भाजपा‑आधारित नई सरकार चाहते हैं। उनका कहना है कि यह भावना सिर्फ बंगाल की सीमाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि देश भर में रहने वाले बंगाली मूल‑निवासी इसी राहपर चल रहे हैं।
शर्मा ने कहा कि “इस नारे से प्रभावित बंगाल के रहने वाले और बंगाल के मूल रूप के लोग जो देश के किसी भी स्थान पर हों, सबके मन में यह बात है।” उन्होंने सभी प्रवासी बंगालियों से आग्रह व्यक्त किया कि वे अपने मूल राज्य तक पहुंचकर लोकतंत्र के पर्व में हिस्सा लें – “मैंने सबसे आग्रह किया है कि आप मतदान करने के लिए जरूर जाएँ।” वे कहते हैं कि “बंगाल में जनता बदलाव चाहती है” और यह भाव सभी बंगालियों का है, भले ही वे कहीं भी रह रहे हों।
विजय शर्मा ने पश्चिम बंगाल की वर्तमान सरकार पर सीधा निशाना साधा और उसे “निर्मम” बताते हुए कहा कि सभी हिस्सेदार इस बार एक भाव से चुनाव लड़ रहे हैं: “सब इस भाव के साथ जा रहे हैं कि इस बार इस निर्मम सरकार को उखाड़ कर फेंक देना है।” उनका दावा है कि पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन बहुत जल्द संभव है, जिसमें भाजपा की “राष्ट्रवादी सरकार” बनने की संभावना है।
शर्मा ने साथ ही पूर्व बंगाल राजनीति पर आधारित “अराजकता” और “जंगलराज” जैसे मुद्दों को भी दोहराया और पश्चिम बंगाल में प्रवासी और “घुसपैठ” पर—जो उनकी हालिया टिप्पणी या राष्ट्रीय राजनीति में प्रसिद्ध है—उसे निर्माणाधीन इच्छा के हिस्से के रूप में पेश किया कि बंगाल की जनता अब किसी भी कीमत पर वर्तमान स्थिति को जारी नहीं रखना चाहती। इस प्रकार उन्होंने भाजपा की विचारधारा को बंगाल की माटी, मूल संस्कृति और सुरक्षा मिशन के रूप में प्रचारित किया, जिसे चुनाव के द्वारा व्यवहारिक रूप दिया जाना है।




