अमृत टुडे, दुर्ग छत्तीसगढ़ 18 अप्रैल 2026 । दुर्ग में उठा आवाज: “नारी शक्ति वन्दन अधिनियम के विरोध का दंड विपक्ष को चुनाव में मिलेगा”
विवरण: संसद में नारी शक्ति वन्दन अधिनियम के कार्यान्वयन (जिसके तहत लोकसभा और राज्य विधानसभा सीटों पर 33% महिला आरक्षण) पर कांग्रेस और इण्डी गठबंधन समेत विपक्षी दलों द्वारा दिखाई गई हिचकिचाहट व विरोध के खिलाफ देश‑भर की मातृशक्ति में आक्रोश फैल रहा है। छत्तीसगढ़ के दुर्ग शहर में भी इस क्रोध का प्रकट रूप भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ. सरोज पाण्डेय के नेतृत्व में महिला रैली के रूप में दिखा। शुक्रवार रात को आयोजित इस आक्रोश रैली में बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल हुईं, जो नारी शक्ति वन्दन अधिनियम के पारित होने में अवरोध पैदा करने पर कांग्रेस‑इण्डी गठबंधन की “स्त्री‑विरोधी मानसिकता” का कड़ा विरोध करती हुई दिखाई दीं।
रैली में सरोज पाण्डेय ने कहा कि नारी शक्ति वन्दन अधिनियम आधुनिक भारत के लिए एक ऐतिहासिक कदम है, जो महिलाओं को राजनीतिक सत्ता में अपेक्षित स्थान देता है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस विपक्षी गठबंधन के दावे के बावजूद राजनीतिक उद्देश्यों के लिए ही इस कानून का विरोध कर रही है और यह अवरोध स्वयं महिला सशक्तिकरण के खिलाफ है। भाजपा महिला मोर्चा की ओर से आग्रह‑स्वरूप कहा गया कि जनमानस में जो महिलाएं अपने निर्णय लेने वाली शक्ति हैं, वे विपक्ष के इस रोड़ें को भविष्य के चुनावों में बैलेट बॉक्स में तोड़ेंगी।
प्रदेश‑स्तरीय राजनीति में गर्मी बढ़ाने वाले इस रैली हलचल से दुर्ग जैसे महत्वपूर्ण शहर में महिला मतदाताओं की ओर से कांग्रेस‑भाजपा‑इंडी गठबंधन के बीच एक नई रणनीतिक लड़ाई की आहट सुनाई देती है। आगामी दिनों में नारी शक्ति वन्दन अधिनियम के नाम पर जन आंदोलन ‑रैलियों का सिलसिला बढ़ने की संभावना है, जिसमें खुद महिलाएं अपनी राजनीतिक चेतना को प्रदर्शित करेंगी।




