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अमृत टुडे, रायपुर छत्तीसगढ़ 01 मई 2026 । रायपुर में ‘टीम प्रहरी’ की महिलाओं ने पुरुष प्रधान अतिक्रमण हटाने के काम में साहस दिखाया। गालियां, पथराव झेलकर सड़कों को साफ किया। परिवारों का गर्व बढ़ा, मुख्यमंत्री ने सराहना की।

विवरण: रायपुर में सड़कों से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई अब केवल प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं रह गई है, बल्कि यह साहस, धैर्य और बदलाव की एक ऐसी कहानी बन गई है, जिसे ‘टीम प्रहरी’ की महिलाएं हर दिन जी रही हैं। करीब एक साल पहले शुरू हुई इस पहल में 20 महिलाओं को शामिल किया गया था, जिनकी जिम्मेदारी थी कि कार्रवाई के दौरान महिलाओं से जुड़े मामलों को संभाला जाए, लेकिन धीरे-धीरे इन महिलाओं ने अपनी भूमिका को सीमित दायरे से बाहर निकालकर पूरे ऑपरेशन का अहम चेहरा बना दिया। आज ये महिलाएं न सिर्फ अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई में बराबरी से हिस्सा ले रही हैं, बल्कि कई बार सबसे आगे खड़े होकर हालात को नियंत्रित भी करती हैं। इन महिलाओं के लिए यह सफर आसान नहीं रहा।

शुरुआत में परिवार और समाज दोनों की ओर से कई तरह के सवाल खड़े किए गए। यह कहा गया कि यह काम जोखिम भरा है, लड़कियों के लिए ठीक नहीं है, शादी और बच्चों की जिम्मेदारियों पर असर पड़ेगा। लेकिन इन सब आशंकाओं के बावजूद महिलाओं ने पीछे हटने के बजाय इस चुनौती को स्वीकार किया। आज हालात बदल चुके हैं। जो परिवार पहले चिंतित थे, अब वही गर्व महसूस करते हैं कि उनकी बेटियां शहर की व्यवस्था को बेहतर बनाने में भूमिका निभा रही हैं। संतोषी सोनी कहती हैं कि अब वे काम करते समय महिला या पुरुष के रूप में नहीं सोचतीं, बल्कि एक जिम्मेदार कर्मचारी के रूप में अपनी ज़िम्मेदारी निभाती हैं।

मैदान में उतरने के बाद इन महिलाओं को हर दिन नई चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। AIIMS के पास सांभर-बड़ा के एक ठेले को हटाने की कार्रवाई के दौरान एक महिला ने टीम को अपशब्द कहना शुरू कर दिया। माहौल तनावपूर्ण हो गया, लेकिन बिंदिया ने संयम नहीं खोया और स्थिति को संभाल लिया। पचपेड़ी नाका में कार्रवाई के दौरान विवाद इतना बढ़ गया कि अपशब्द कहने पर FIR दर्ज करानी पड़ी। समता कॉलोनी में पथराव हुआ, काठाडीह में हथियार निकाले गए। इन घटनाओं ने जोखिम दिखाया, मगर महिलाओं ने प्रशासन के सहारे काम जारी रखा। खमतराई में कपड़ा दुकान विवाद में युवक को समझाया। सिटी कोतवाली में प्रशिक्षण से सख्ती और संवेदनशीलता का संतुलन बनाया। दबाव-लालच झेला, समझौता नहीं किया। अब लोग सड़कों के सुधार को सराहते हैं। पिंकी बताती हैं कि ताने सुनने वाले अब समझ रहे हैं।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सराहना की। टीम में कविता नायक, कहकशां परवीन, कांता निहाल, सुकांति सिक्का, बिंदिया नाग, विमला ताण्डी, मंजु आमदे, पिंकी निहाल, रोमा मेरी अरोरा, कल्पना बघेल, गौरी साहू, गौतमा मेश्राम, डॉली भिवंडे, पूर्णिमा बघेल, छुनकी हरपाल, तुलिका कौशल, ममता भिवंडे, लता ताण्डी, समीमा बेगम तथा संतोषी सोनी हैं। ‘टीम प्रहरी’ की महिलाएं बदलाव की अग्रिम पंक्ति हैं।

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