अमृत टुडे, रायपुर छत्तीसगढ़
19 मई 2026 । श्री गुरु अर्जन देव जी के 420वें शहीदी वर्ष पर छत्तीसगढ़ सिक्ख समाज 30 मई 2026 को तेलीबांधा तालाब के सामने विशाल छबील (शरबत वितरण) कार्यक्रम आयोजित कर रहा है, जिसमें लगभग 1 लाख लोगों को ठंडा मीठा शरबत पिलाया जाएगा और उनकी जीवनी पर आधारित फोटो प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी; मुख्यमंत्री सहित अनेक जनप्रतिनिधि शामिल होंगे।
विवरण :: छत्तीसगढ़ सिक्ख समाज द्वारा 30 मई 2026 को तेलीबांधा तालाब के सामने विशाल छबील अर्थात शरबत वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। यह आयोजन श्री गुरु अर्जन देव जी के 420वें शहीदी वर्ष के अवसर पर उनके त्याग और बलिदान को श्रद्धांजलि अर्पित करने तथा धार्मिक और सामाजिक एकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से रखा गया है। कार्यक्रम सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक चलेगा और इस दौरान लगभग 1 लाख लोगों को मीठा ठंडा शरबत पिलाया जाएगा।
छबील स्थल पर श्री गुरु अर्जन देव जी के जीवन और उनके बलिदान से जुड़ी फोटो प्रदर्शनी लगायी जाएगी ताकि आमजन को उनकी जीवनी और प्रेरणादायक शिक्षाओं से अवगत कराया जा सके। कार्यक्रम में प्रदेश के सभी गुरुद्वारों के प्रबंधक समितियों, समाजसेवी संस्थाओं, संगठनों के पदाधिकारी तथा समाज के सभी वर्गों—महिलाएं, पुरुष और बच्चे—की भागीदारी रहने की उम्मीद है। आयोजकों ने बताया कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय समेत अनेक जनप्रतिनिधि भी उपस्थित रहेंगे और छबील में शामिल होकर शरबत वितरण कर श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे।
छत्तीसगढ़ सिक्ख समाज के प्रदेश अध्यक्ष सुखबीर सिंह सिंघोत्रा एवं अन्य प्रमुख सदस्यों (नरेंद्र सिंह हरगोत्रा, स्वर्ण सिंह चावला, कुलवंत सिंह खालसा, मनजीत सिंह भाटिया, प्रीतपाल सिंह टुटेजा, गुरमीत सिंह अरोरा, हरदीप सिंह राजा छाबड़ा इत्यादि) ने सभी नागरिकों से इस पुण्य कार्यक्रम में बढ़-चढ़ कर भाग लेने और संघीय समर्पण दिखाने की अपील की है। आयोजक यह भी कह रहे हैं कि शरबत वितरण के साथ-साथ धार्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियाँ आयोजित की जाएंगी ताकि सभी आयु वर्ग के लोग सहभागिता कर सकें।
पृष्ठभूमि व महत्व: इतिहासकारों के अनुसार 30 मई 1606 को जहाँगीर के आदेश पर श्री गुरु अर्जन देव जी पर क्रूर अत्याचार किए गए थे; उन्हीं के शहीदी दिवस पर विश्वभर में सिक्ख समुदाय छबील लगाकर तीर्थयात्रियों व आम जनता को ठंडा शरबत देकर उनका स्मरण करता है। इस आयोजन के माध्यम से छत्तीसगढ़ सिक्ख समाज समाज में प्रेम, भाईचारे और धार्मिक सद्भाव का सन्देश देना चाहता है।






