अमृत टुडे, रायपुर छत्तीसगढ़
28 मई 2026 । खाद्य सचिव रीना कंगाले की अध्यक्षता में रायपुर में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यशाला में ‘इम्प्रूव्ड राइस स्कीम’ के क्रियान्वयन पर चर्चा हुई। राइस मिल एसोसिएशन ने मिलों के आधुनिकीकरण, गुणवत्ता मानक और भंडारण सुधार पर जोर देते हुए योजना के सफल प्रवर्तन में सहयोग का आश्वासन दिया।

विवरण :: रायपुर में नीव सर्किट हाउस में आयोजित एक दिवसीय राज्य स्तरीय कार्यशाला का उद्घाटन खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की सचिव रीना बाबा साहेब कंगाले ने किया। कार्यशाला का उद्देश्य भारत सरकार की आगामी ‘इम्प्रूव्ड राइस स्कीम’ को छत्तीसगढ़ में प्रभावी रूप से लागू करने के लिये नीति, तकनीकी आवश्यकताएँ तथा क्रियान्वयन तंत्र पर समन्वित दृष्टिकोण तैयार करना था। राज्यभर के राइस मिल एसोसिएशन, भारतीय खाद्य निगम, मार्कफेड और लगभग साठ मिलर्स के प्रतिनिधि बैठक में शामिल हुए।

कार्यशाला में खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 से लागू योजना के गुणवत्ता मानक—जैसे 10 प्रतिशत अरवा ब्रोकन व 5 प्रतिशत उसना ब्रोकन की निर्दिष्ट सीमा—भंडारण व अनुबंध प्रक्रियाएँ तथा मिलिंग लागत और रैक मूवमेंट पर विस्तृत प्रस्तुति दी गई। राइस मिल एसोसिएशन ने मिलों के तकनीकी उन्नयन, उन्नत धान किस्मों के प्रसार और भारतीय खाद्य निगम में रैक मूवमेंट तेज करने के सुझाव प्रस्तुत किये। मिलर्स ने कहा कि स्कीम के सफल क्रियान्वयन के लिये पायनापोष तकनीकी सहायता, वित्तीय प्रोत्साहन और बुनियादी ढाँचे की मजबूती आवश्यक है।

खाद्य सचिव ने आश्वस्त किया कि मिलर्स के सुझावों का परीक्षण कर आवश्यक प्रस्ताव केन्द्र को अग्रेषित किये जाएंगे और राज्य स्तर पर आवश्यक सहायताएँ उपलब्ध करायी जाएँगी। मार्कफेड के प्रबन्धन, भारतीय खाद्य निगम के वरिष्ठ अधिकारी और विभागीय कर्मियों ने भी कार्ययोजना व सहयोग के संकल्प को पुष्ट किया। कार्यशाला ने नीति-निर्माण और क्षेत्रीय मिलर्स व प्रशासन के बीच समन्वय के लिये मार्ग स्पष्ट कर दिये हैं, जिससे जल्द ही योजना का प्रभावी क्रियान्वयन संभव होगा।

