अमृत टुडे, रायपुर छत्तीसगढ़
04 जून 2026 । विश्व पर्यावरण दिवस पर राज्यपाल रमेन डेका ने आज पर्यावरण व जल संरक्षण को जनआंदोलन बनाने का आह्वान किया। उन्होंने लोक भवन व नया रायपुर में वृक्षारोपण कर आंदोलन की शुरुआत की।”
विवरण : राज्यपाल रमेन डेका ने विश्व पर्यावरण दिवस के उपलक्ष्य में प्रदेशवासियों से पर्यावरण संरक्षण और जल संरक्षण को जन आंदोलन का स्वरूप देने की अपील की। उन्होंने कहा, “पानी है तो पेड़ हैं और पेड़ हैं तो पानी है”, और यह संदेश देते हुए प्रत्येक नागरिक की व्यक्तिगत जिम्मेदारी पर जोर दिया।

राज्यपाल ने जल और जंगल को एक-दूसरे के पूरक बताया और कहा कि पेड़-पौधे न केवल वायु और छाया देते हैं, बल्कि वर्षा चक्र को संतुलित रखकर भूजल स्तर संरक्षित करने में अहम भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि एक पौधा लगाना मात्र प्रतीकात्मक कार्य नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षा सुनिश्चित करने वाला योगदान है।

डेका ने नागरिकों से ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान से जुड़ने का आह्वान किया और अधिक से अधिक वृक्षारोपण करने का अनुरोध किया। उन्होंने बताया कि देश और विश्व के कई क्षेत्रों में जल स्रोत घट रहे हैं और यदि सामूहिक प्रयास न किए गए तो भविष्य में जल संकट और गंभीर रूप ले सकता है।
राज्यपाल ने वर्षा जल संचयन, जल का विवेकपूर्ण उपयोग, तालाबों व जल स्रोतों का संरक्षण तथा वृक्षारोपण को सामूहिक प्राथमिकता बनाने का सुझाव दिया। उनका कहना था कि ये सरल कदम मिलकर आने वाले वर्षों में जल-संकट की चुनौतियों को काफी हद तक कम कर सकते हैं।

विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर राज्यपाल ने लोक भवन व नया रायपुर स्थित निर्माणाधीन लोक भवन परिसर में वृक्षारोपण कार्यक्रम का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी कार्रवाइयों तक सीमित न रहकर जनभागीदारी से ही प्रभावी बनेगा।
अंत में, श्री डेका ने लोक भवन के कर्मचारियों को पौधे भेंट किए और सभी कर्मचारियों के लिए निशुल्क पौधों के वितरण की व्यवस्था का उद्घोष किया। उन्होंने कर्मचारियों को प्रेरित किया कि ये पौधे वे अपने घरों व आसपास लगाएं और दूसरों को भी जोड़ने के लिए प्रेरित करें।




