अमृत टुडे, रायपुर छत्तीसगढ़
23 जुलाई 2026 । पूर्व मंत्री अमरजीत भगत ने रायपुर में कहा कि जंतर‑मंतर पर छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई निंदनीय है और देशभर में भाजपा के खिलाफ गुस्सा दिख रहा है। उन्होंने कांग्रेस नेताओं पर दर्ज एफआईआर को राजनीतिक आरोप करार दिया तथा यूनीफार्म सिविल संहिता व आदिवासी अधिकारों पर गंभीर आशंकाएँ व्यक्त कीं।
विवरण :: अमरजीत भगत ने कहा कि वर्तमान समय में दिल्ली एवं छत्तीसगढ़ सहित सम्पूर्ण देश में छात्रों और नागरिकों में भाजपा शासन के प्रति आक्रोश स्पष्ट तौर पर दिख रहा है। जंतर‑मंतर पर छात्रों पर हुई लाठीचार्ज और पुलिस की बर्बरता उन्होंने लोकतंत्र के लिए खतरनाक बताया। राहुल गांधी के सरकार के विरुद्ध धरने में शामिल होने तथा कुछ नेताओं की गिरफ्तारी का जिक्र करते हुए भगत ने कहा कि विरोध का यह स्वर एक व्यापक चिंताजनक संकेत है।

भाजपा द्वारा कांग्रेस कार्यालय के घेराव को उन्होंने हास्यास्पद और जबरन राजनीति करार दिया। पुलिसकर्मियों के घायल होने के दावों पर चुनौती देते हुए उन्होंने घायल पुलिसकर्मियों के नाम व अस्पताल बताने की मांग की और उनके उपचार का खर्च अपनी पेंशन से देने की बात कही। यूनीफार्म सिविल संहिता को लेकर उन्होंने आदिवासियों के अधिकारों पर गंभीर प्रश्न उठाये और कहा कि थोपे जाने वाले कानूनों से नुकसान होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार के मंत्री दबाव में हैं और खेती‑बाड़ी के मामलों में समय पर निर्णायक कार्रवाई नहीं हो रही; अंततः भाजपा को विपक्ष में बैठने की तैयारी करनी चाहिए।



