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सौमिल रंजन चौबे ने कहा – छत्तीसगढ़ राम के ननिहाल, माता कौशल्या की भूमि; स्वदेश दर्शन 2.0 के तहत फिल्म सिटी, भोरमदेव, मयाली, रुद्रेश्वर कॉरिडोर विकसित, बस्तर को वर्ल्ड डेस्टिनेशन बनाने का प्रयास…..

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Amrit Today, Raipur Chhattisgarh

छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड के प्रबंध संचालक सौमिल रंजन चौबे ने कहा कि आज छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में आने वाले समय में जो छत्तीसगढ़ के टूरिज्म को प्रमोट करना है, माननीय प्रधानमंत्री जी के डोमेस्टिक टूरिज्म को लेकर जो एक नए विजन के लिए काम कर रहे हैं, उसमें माननीय मुख्यमंत्री जी, माननीय पर्यटन मंत्री जी भी लगातार सतत प्रयासरत हैं। छत्तीसगढ़ हमारे जो है वो राम के ननिहाल माता कौशल्या की भूमि है। छत्तीसगढ़ प्रदेश वास्तव में बहुत खूबसूरत है, प्राकृतिक सुंदरताओं से भरा हुआ और यहां की जो है विरासत, यहां की पारंपरिक कला, यहां के पारंपरिक व्यंजन, सांस्कृतिक, यहां की हमारे आदिवासी जो कल्चर है, उसके साथ-साथ यहां हमारे जो वन क्षेत्र हैं, हमारे झरने हैं, हमारे जो है वाटर बॉडी है, यह वास्तव में बहुत ही छत्तीसगढ़ खूबसूरत राज्य है।

विवरण :: सौमिल रंजन चौबे ने बताया कि इसको हम प्रमोशन करने के लिए लगातार अन्य प्रदेशों में इवेंट्स और रोड शो भी कर रहे हैं और उसका फायदा जो है छत्तीसगढ़ के पर्यटन को मिल रहा है। फुटफॉल बहुत तेजी से इस छत्तीसगढ़ में जो है वो बढ़ रहा है, फॉरेन टूरिस्ट भी जो है वो आ रहे हैं। माननीय प्रधानमंत्री जी स्वदेश दर्शन योजना के माध्यम से उन्होंने 2.0 योजना के अंतर्गत यहां फिल्म सिटी, भोरमदेव कॉरिडोर, मयाली कॉरिडोर, हमारा रुद्रेश्वर कॉरिडोर, डोंगरगढ़ में भी जो है हमारा पिलग्रिम जो है वो प्रसाद योजना के अंतर्गत बन रहा है। ऐसे आने वाले समय में हम दो प्रोजेक्ट एक रतनपुर और चंपारण को भी जो हमने प्रस्ताव भेजा है और बस्तर को भी जो है वो वर्ल्ड का छत्तीसगढ़ की दृष्टि से एक बड़ा डेस्टिनेशन पर्यटन का जो है वो हम बनाने के लिए जो है वो प्रयासरत हैं। निश्चित रूप से आने वाले समय में छत्तीसगढ़ का जो पर्यटन है, भारत के पर्यटन के मानचित्र पर जो है वो स्थापित होगा। आप सब आए, इसके लिए मैं आप सभी का हृदय से धन्यवाद करता हूँ। बहुत-बहुत धन्यवाद। छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड की अध्यक्ष नीलू शर्मा ने भी प्रेस वार्ता में बताया था कि 27 सितंबर को विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर प्रदेश में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। पर्यटन सेवाओं के डिजिटलीकरण की दिशा में भी काम किया जा रहा है। पर्यटन विभाग की नई वेबसाइट लॉन्च की गई है, जिसके माध्यम से पर्यटकों को प्रदेश के पर्यटन स्थलों और पर्यटन सेवाओं की जानकारी डिजिटल माध्यम से उपलब्ध होगी। छत्तीसगढ़ प्रभु श्री राम का ननिहाल है और प्राकृतिक एवं सांस्कृतिक विरासत से समृद्ध बेहद खूबसूरत राज्य है। विशेष रूप से बस्तर की प्राकृतिक सुंदरता का उल्लेख करते हुए कहा कि यहां पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। पर्यटन के विस्तार से स्थानीय भोजन, हस्तशिल्प और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा मिलेगा तथा युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। लगभग 500 स्थानीय युवाओं को पर्यटन आधारित रोजगार से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है।

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