अमृत टुडे, रायपुर , छत्तीसगढ़
07 जून 2026 । रायपुर रेलवे स्टेशन परिसर स्थित संकट मोचन हनुमान मंदिर में शनिवार को आयोजित महाभंडारे में भक्ति और सेवा का अद्भुत संगम देखा गया; राठी परिवार के सतत् प्रयासों को भाजपा जिला संगठन प्रभारी ने ईश्वरीय कृपा करार दिया।
विवरण : रायपुर रेलवे स्टेशन परिसर स्थित संकट मोचन हनुमान मंदिर में शनिवार को आस्था का एक भव्य सैलाब उमड़ा। प्राचीन परंपरा और समाजसेवा के प्रतीक इस महाभंडारे का आयोजन 2009 से प्रति शनिवार बिना किसी विघ्न के चल रहा है और आज यह आयोजन एक महा-यज्ञ का स्वरूप ले चुका है। शंखध्वनि, घंटियों की गूंज और “जय श्रीराम-जय हनुमान” के जयकारों के बीच मंदिर प्रांगण में महाआरती का दिव्य दृश्य उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर गया।

भंडारे के मुख्य अतिथि भाजपा जिला संगठन प्रभारी राजेंद्र शर्मा ने महाआरती में शामिल होकर प्रसाद वितरण में भाग लिया और आस्था से प्रभावित भाव व्यक्त किए। शास्त्रीय संदर्भों का स्मरण करते हुए उन्होंने कहा कि बिना ईश्वर की इच्छा के कोई कार्य संभव नहीं होता; इस सिद्ध पीठ की कृपा से समाजसेवा का यह अनवरत कार्य संभव हुआ है। उन्होंने राठी परिवार द्वारा पिछले 17 वर्षों से निर्विघ्न चल रहे इस भंडारे की सराहना की और इसे संकल्पपूर्वक सेवा का उदाहरण बताया।
समिति के संस्थापक कुबेर राठी ने कहा कि यह भंडारा उनकी व्यक्तिगत क्षमता का परिणाम नहीं, बल्कि हनुमान जी की असीम अनुकंपा है। त्रेतायुग के संदर्भ देकर उन्होंने बताया कि जैसे राम ने वानरों को सेवा का माध्यम बनाया था, वैसे ही आज भक्तों को सेवा के माध्यम के रूप में चुना जा रहा है। वहीं भाजपा प्रवक्ता एवं भनपुरी मंडल प्रभारी राजकुमार राठी ने मंदिर की पौराणिक महत्ता स्पष्ट करते हुए बताया कि यह दक्षिणमुखी सिद्ध पीठ संकटों का नाश करने वाली शक्ति के लिए विख्यात है और यहाँ की मन्नतें पूर्ण होती हैं।

महाभंडारे की एक महत्वपूर्ण विशेषता इसकी सर्वसमावेशी प्रकृति है; यहाँ हर धर्म, जाति और वर्ग के लोग बिना किसी भेदभाव के एक साथ बैठकर प्रसाद ग्रहण करते हैं। आयोजन में उपस्थित लोगों को मर्यादा के साथ स्वागत कर भोजन कराना ‘नारायण सेवा’ की प्रत्यक्ष झलक देता है। इस अवसर पर कमलेश तिवारी, अंकित राठी, गोविंद शर्मा, योगेश चांडक, सुब्रत घोष, रोशनी मिश्रा, रमित मिश्रा, मुकेश अग्रवाल, अतुल शर्मा सहित सैकड़ों श्रद्धालु उपस्थित थे।
समापन व संदेश:
यह सिद्ध पीठ न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि सामाजिक समरसता और सतत् सेवा का प्रतीक भी बन चुका है। राठी परिवार द्वारा आरम्भ किया गया यह महाभंडारा जारी रहने का संकल्प भक्तों में उत्साह और श्रद्धा का कारण बना हुआ है।



