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अमृत टुडे रायपुर छत्तीसगढ़

09 जून 2026। रायपुर प्रेस क्लब ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट्स (पंजीकृत) ने विश्व पर्यावरण दिवस 2026 के अवसर पर देश के चुनिंदा पर्यावरणविदों को “पर्यावरण रत्न सम्मान-2026” से सम्मानित किया; छत्तीसगढ़ के पर्यावरण प्रहरी एवं ग्रीन आर्मी छत्तीसगढ़ के संस्थापक अमिताभ दुबे को जल संरक्षण, वृक्षारोपण, प्लास्टिक उन्मूलन और जनजागरण में उनके निरन्तर योगदान के लिये यह राष्ट्रीय सम्मान प्रदान किया गया।

विवरण :: अमिताभ दुबे पिछले 11 वर्षों से पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में सक्रिय हैं। उनके नेतृत्व में ग्रीन आर्मी छत्तीसगढ़ के 3000+ सदस्य प्रदेश के 17 जिलों और लगभग 25 ग्रामीण इकाइयों में काम कर रहे हैं।
संगठन ने अब तक 5 लाख से अधिक पौधे रोपे; लगभग 80% पौधे आज भी जीवित हैं और पौधों के संरक्षण पर विशेष ध्यान दिया जाता है।
सिंगल यूज प्लास्टिक उन्मूलन हेतु प्रतिवर्ष 25,000 से अधिक कपड़े के झोले वितरित किए जाते हैं और 125+ समुदायिक भवनों, होटलों व कार्यालयों को प्लास्टिक मुक्त किया गया। प्रत्येक शनिवार रायपुर के बाजारों में पॉलीथिन मुक्त अभियान चलाया जाता है।
पर्यावरण शिक्षा: प्रति वर्ष 125+ स्कूल व कॉलेजों में प्रशिक्षण; स्वयं अमिताभ दुबे 1000+ जागरूकता व प्रशिक्षण कार्यक्रम करा चुके हैं।
नियमित संचालन: पिछले 11 वर्षों से प्रत्येक बुधवार ग्रीन आर्मी की बैठकों के जरिये नए पर्यावरण योद्धा तैयार किए जाते हैं।
जल संरक्षण: सार्वजनिक बिना टोंटी वाले नलों की पहचान कर संबंधित विभागों से सुधार करवाने की पहल; व्यापक जल संरक्षण पर असर पड़ा।

सामुदायिक सेवा: कोविड-19 के दौरान 45 सदस्यीय टीम के साथ राहत व जनसेवा कार्यों में सक्रिय भागीदारी।
तालाब और जलाशय संरक्षण: बूढ़ातालाब, गजराज बांध (बोरियाखुर्द), महाराजा बांध व कल्याण सागर गदही तालाब संरक्षण अभियानों में जनआंदोलन व सफाई अभियान; हजारों ट्रक मलबा निकाला गया।
कानूनी एवं जनहित संघर्ष: इंदिरा प्रियदर्शिनी गार्डन की हरित धरोहर के संरक्षण हेतु जनहित याचिका व कानूनी प्रयास।

धार्मिक स्थलों में सहयोग: 125 मंदिरों के धर्माचार्यों के साथ बैठक कर पॉलीथिन मुक्त पहल का संकल्प लिया गया।
पुरस्कृत होने पर अमिताभ ने यह सम्मान ग्रीन आर्मी के सभी सदस्यों, स्वयंसेवकों व समाज के लोगों को समर्पित किया और कहा कि पर्यावरण संरक्षण आने वाली पीढ़ियों के लिए अनिवार्य दायित्व है।

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