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राज्यपाल रमेन डेका ने उद्घाटन किया समर्थ भारत कॉन्क्लेव 2026; कहा – आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सहायक है, मानव बुद्धि का विकल्प नहीं…..

ByPreeti Joshi

Jun 16, 2026 ##Chhattisgarh, ##ChildSafety #CrimePrevention, ##NEWS, ##Raipur, ##Women, ##छत्तीसगढ़, ##रायपुर, #Amrit, #AMRIT TODAY, #amrittoday, #Amrittoday Chhattisgarh, #Amrittoday Chhattisgarh News, #Amrittoday news, #amrittoday.in छत्तीसगढ़ न्यूज, #BIG NEWSMID, #Breaking, #Breaking news, #cg news, #chhattisgarh hindi news, #chhattisgarh latest news, #Chhattisgarh news, #chhattisgarh news in hindi, #chhattisgarh news live today, #chhattisgarh news today, #chhattisgarh शशांत साहू news, #chhattisgarhi news, #DAY NEWS, #Exclusive, #Hindi News, #HINDICHHATTISGARH, #KA SILSILATODAY'S, #latest news, #Mandeep, #navratri, #NEWSCHHATTISGARH, #NEWSHINDI, #NEWSINDIA, #NEWSKHABRON, #NEWSTODAY'S, #patrol, #pink, #Ramen Deka, #s.Mandeep singh, #safety, #Tag** Breaking news, #Today breaking news, #today news, #TODAY'S LATEST, #UPDATE, #अभी-अभी, #अमृत टुडे, #आज की ताजा खबर, #इंडिया न्यूज़, #उद्घाटन, #एंकर, #ओ पी चौधरी, #खबरछत्तीसगढ़, #खुशवंत गुरु, #गुरु खुशवंत साहेब, #छत्तीसगढ़ न्यूज़, #छत्तीसगढ़ शासन, #टैग्स#PinkPatrol #NavratriSafety #WomenHelpline #RaipurPolice Tag** Breaking news, #तीनों पुलिस जोन, #धार्मिक स्थल, #न्यूजछत्तीसगढ़, #प्रमुख, #मंदिर, #मनदीप सिंह, #रमेन डेका, #राज्यपाल, #लेटेस्ट न्यूजछत्तीसगढ़ न्यूज, #लोकेशन, #वित्त मंत्री, #समर्थ भारत कॉन्क्लेव 2026, #सरदार मनदीप सिंह, #सादर, #स्लग, #हिंदीछत्तीसगढ़
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अमृत टुडे, रायपुर छत्तीसगढ़

16 जून 2026। राज्यपाल रमेन डेका ने समर्थ भारत कॉन्क्लेव 2026 का उद्घाटन करते हुए कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मानवता का सहायक है, पर मानव बुद्धि और नैतिकता का विकल्प नहीं बन सकती।

विवरण :: राज्यपाल रमेन डेका आज डॉ. सी.वी. रमन विश्वविद्यालय बिलासपुर तथा आईसेक्ट इंडिया ग्रुप के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित दो दिवसीय समर्थ भारत कॉन्क्लेव 2026 के उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि रहे। उन्होंने कहा कि दुनिया तेज़ी से बदल रही है और तकनीक निरंतर विकसित हो रही है। ऐसे समय में तकनीक का उपयोग मानव कल्याण, सामाजिक विकास तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए होना चाहिए।

राज्यपाल ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधुनिक युग की एक महत्वपूर्ण तकनीक है जो चिकित्सा, कृषि, अर्थव्यवस्था तथा शिक्षा सहित अनेक क्षेत्रों में सहायक बन सकती है, किन्तु यह मानव बुद्धि, संवेदनशीलता तथा नैतिक मूल्यों की जगह नहीं ले सकती। तकनीक को जीवन में सहायक के रूप में अपनाना चाहिए, न कि किसी खतरे के रूप में स्थान देना चाहिए। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे एआई तथा अन्य नई तकनीकों का उपयोग नवाचार और समाज हित के कार्यों में करें।
उन्होंने इंटरनेट के बढ़ते उपयोग पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इसके सकारात्मक प्रभावों के साथ-साथ नकारात्मक पहलुओं पर भी ध्यान देना आवश्यक है और डिजिटल व्यसन से बचने का प्रयास होना चाहिए। राज्यपाल ने यह भी कहा कि मानव सभ्यता का विकास सदैव नवाचार और वैज्ञानिक खोजों के माध्यम से हुआ है और आधुनिक विज्ञान तथा तकनीक भविष्य के भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

उन्होंने कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यावरण तथा ग्रामीण विकास में आधुनिक तकनीकों के व्यापक उपयोग पर बल दिया। स्टार्टअप तथा नवाचार को केवल आर्थिक प्रगति के साधन न मानते हुए कहा कि ये समाज की समस्याओं के समाधान के प्रभावी माध्यम भी हैं। नवाचार के जरिए दिव्यांगजनों के जीवन को सरल बनाया जा सकता है, युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित किए जा सकते हैं तथा समाज नई संभावनाओं से जुड़ सकता है।
पर्यावरण संरक्षण तथा इको-फ्रेंडली जीवनशैली अपनाने पर उन्होंने विशेष जोर दिया और नवीकरणीय ऊर्जा, सौर ऊर्जा, जल संरक्षण तथा वर्षा जल संचयन को आज की आवश्यकता बताया।
छत्तीसगढ़ की विशेषताओं का उल्लेख करते हुए कहा गया कि यह समृद्ध आदिवासी संस्कृति तथा अपार संभावनाओं वाला राज्य है और युवाओं में प्रतिभा की कमी नहीं है; आवश्यकता उन्हें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, कौशल विकास तथा अवसरों से जोड़ने की है। राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए कृषि, वन उत्पाद, उद्योग व सेवा क्षेत्रों में वैल्यू एडिशन पर विशेष जोर देने की आवश्यकता है।
कार्यक्रम में कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार तथा अनुसूचित जाति विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि प्रदेश के इंजीनियरिंग कॉलेजों में एआई की पढ़ाई प्रारम्भ की गई है और तकनीकी संस्थान उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप पाठ्यक्रम संचालित करने के प्रयास कर रहे हैं। सरकार युवाओं को सक्षम बनाने का प्रयास कर रही है ताकि वे नौकरी मांगने वालों के बजाय नौकरी देने वाले बनें।
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रदीप कुमार घोष ने एआई के विभिन्न आयामों पर प्रकाश डाला। कॉन्क्लेव में पद्मश्री अजय मांडवी ने भी प्रेरक उद्बोधन दिया।

राज्यपाल ने एआई कौशल रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह रथ प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में जाकर विद्यार्थियों, शिक्षकों तथा आम नागरिकों को एआई की उपयोगिता, संभावनाओं तथा रोजगार के अवसरों की जानकारी देगा; विशेष कर ग्रामीण युवाओं के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और जेनरेटिव एआई की निशुल्क व्यवहारिक शिक्षा देने हेतु यह आधुनिक मोबाइल लैब तैयार की गई है।
इसी अवसर पर राज्यपाल ने आईसेक्ट का वार्षिक प्रतिवेदन तथा कौशल रथ व एआई पर आधारित पुस्तक का विमोचन भी किया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. ज्योति बाला गुप्ता ने किया तथा आभार प्रदर्शन कुलसचिव डॉ. अरविंद कुमार तिवारी ने किया। सम्मेलन में विश्वविद्यालय अधिकारी, प्राध्यापक, उद्योग एवं बैंक के अधिकारी, आईसेक्ट इंडिया ग्रुप के अधिकारी एवं कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण उद्यमी उपस्थित रहे।

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