अमृत टुडे, महासमुंद छत्तीसगढ़
19 जून 2026 । बिछड़े रिश्तों को मिलन का सहारा — महासमुंद के विधिक प्रयास से वृद्धा और पुत्र फिर एक साथ
विवरण:: जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की पहल से आशियाना वृद्धाश्रम में रह रही लच्छनी बाई जिनसे दो-तीन साल पहले पारिवारिक कलह के कारण अलगाव हो गया था, पुनः अपने घर लौटने में सफल रहीं। नालसा के ‘करूणा’ और वरिष्ठ नागरिक अधिकार सशक्तिकरण अभियान के अंतर्गत आयोजित विधिक जागरूकता शिविर के दौरान प्राधिकरण की प्रभारी सचिव एवं मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट चेतना ठाकुर ने वृद्धाओं से संवाद करते हुए लाछनी बाई की स्थिति का संज्ञान लिया। अधिकार मित्रों की मदद से परिजनों का पता लगाकर उन्हें कार्यालय बुलाया गया और मां के प्रति दायित्व, सम्मान व संवेदनशील व्यवहार का संदेश देकर घर लौटाने के लिए प्रेरित किया गया।

परिणाम स्वरूप लच्छनी बाई के बेटों व पुत्रवधु ने उन्हें अपने साथ घर ले जाने के लिए सहमति दे दी। वर्षों बाद मां-बेटे के मिलने का भावुक दृश्य उपस्थित लोगों की आँखें नम कर गया। कार्यक्रम में अन्य मौजूद प्रतिनिधियों में ठाकुर राम दीवान, अधिकार मित्र जितेंद्र पटेल, हरिचंद साहू, आशियाना वृद्धाश्रम की रूचि ठाकुर, भूमिका ध्रुव, साध्या तांडी तथा लीगल एड डिफेंस के कर्मचारी खेलसिंह पटेल शामिल रहे। प्राधिकरण ने यह भी बताया कि ऐसे प्रयासों का उद्देश्य परिवारों में मेल-मिलाप बढ़ाना और वरिष्ठ नागरिकों के अधिकारों व सुरक्षा को सुनिश्चित करना है।




