अमृत टुडे, रायपुर छत्तीसगढ़
10 जुलाई 2026 । राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अगुवाई में सिनोधा के सपेरा बस्ती में बाल चौपाल आयोजित हुई; बच्चों ने सांप-सीढ़ी के माध्यम से अधिकार, शिक्षा और अच्छे संस्कारों का महत्व सीखा। दस्तावेजी कमी से जुड़ी समस्याओं पर चर्चा हुई और बाल विवाह रोकने तथा सेवाओं तक पहुँच सुनिश्चित करने के निर्देश दिये गये।

विवरण : तिल्दा-नेवरा के सिनोधा स्थित सपेरा बस्ती में आयोजित बाल चौपाल 2.0 में बाल अधिकारों, शिक्षा और स्वास्थ्य संबंधी जमीनी चुनौतियों पर गहन चर्चा हुई। घूमंतू जीवनशैली के कारण कई बच्चों का जन्म प्रमाण पत्र, नियमित टीकाकरण व पहचान संबंधी दस्तावेज़ नहीं बन पाए हैं, जिसके चलते वे सरकारी कल्याण योजनाओं से वंचित हैं। कार्यक्रम में उपस्थित बच्चों ने कंप्यूटर शिक्षा की सुविधा, बाल श्रम व बाल विवाह के प्रति अपनी चिंता व्यक्त की।

आयोग ने स्थानीय अधिकारियों को बाल विवाह की रोकथाम हेतु आवश्यक जांच व विधिसम्मत कार्रवाई के निर्देश दिये तथा परिवारों को प्रशासन से जुड़ने का व्यावहारिक मार्ग दिखाने का प्रस्ताव रखा। सांप-सीढ़ी आधारित गतिविधि ने सरल तरीके से अच्छी आदतें, शिक्षा का महत्त्व और बचपन के अधिकारों के संदेश प्रभावी रूप में पहुंचाए। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम में जीवन्तता भर दी। आयोग का उद्देश्य ऐसी चौपालें लगातार आयोजित कर जमीनी समस्याओं का स्थायी समाधान ढूँढना बताया गया।





