अमृत टुडे, रायपुर छत्तीसगढ़
17 जुलाई 2026 । सदन में सुशांत शुक्ला ने कहा कि दस्तावेजी तौर पर गुमराह करने वाले अधिकारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई हो, और पूर्व सरकार द्वारा संसाधनों के दुर्भावनापूर्ण उपयोग, राशन दुकानों में अनियमितता व कंपनी से जुड़ाव की जांच सार्वजनिक रूप से कराई जाए।
विवरण :: सदन में सुषांत शुक्ला ने स्पष्ट मांग की कि यदि कोई अधिकारी दस्तावेजी रूप से सदन को गुमराह कर रहा है तो उसके विरुद्ध कार्रवाई अनिवार्य है। उन्होंने पूर्व सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए पूछा कि ‘प्रभुदिया’ कौन था और कौन वर्तमान में न्यायिक विवेचना के अधीन है, तथा उन लोगों के नाम सार्वजनिक करने की मांग उठाई जो प्रणाली को दुरुपयोग कर चुके हैं।

शुक्ला ने कहा कि राशन दुकानों के स्टॉक दस्तावेजों की विस्तृत जानकारी मांगी थी, परंतु उपलब्ध कराई गई सूचना अपूर्ण थी। उन्होंने आरोप लगाया कि खाद्य विभाग के कुछ तत्व स्व-सहायता समूहों पर दबाव डालकर बाजार में एक कंपनी के उत्पाद बेचने का प्रयास कर रहे हैं और इसके प्रमाण स्वरूप फोटोग्राम व इनवॉइस सदन में रखे जा चुके हैं। सांसद ने संबंधित मंत्री को त्वरित जांच का निर्देश देने और पारदर्शिता सुनिश्चित करने का आग्रह करते हुए कहा कि निष्पक्ष विवेचना से ही जनता का भरोसा कायम रहेगा।




