अमृत टुडे रायपुर छत्तीसगढ़
17 अगस्त 2026 । योगगुरु बाबा रामदेव ने पत्रकारों से चर्चा में धर्मांतरण, अखंड भारत, सनातन संस्कृति और बौद्धिक अराजकता जैसे मुद्दों पर अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ और देश में धर्मांतरण के मामलों को रोकने के लिए प्रभावी कदम जरूरी हैं। बाबा रामदेव ने यह भी कहा कि देश का मान, मर्यादा और विकास सर्वोपरि होना चाहिए।
विवरण: बाबा रामदेव ने कहा कि सनातन संस्कृति प्राचीन, शाश्वत और वैज्ञानिक है, इसलिए किसी को भी धर्म परिवर्तन के लिए मजबूर करने की जरूरत नहीं है। उन्होंने दावा किया कि धर्मांतरण की समस्या तभी कम होगी जब लोग अपने जीवन में राम, कृष्ण, शिव, हनुमान और सनातन मूल्यों को धारण करेंगे। उन्होंने सत्ता तंत्र से शिक्षा, चिकित्सा, अर्थ और कृषि व्यवस्था को मजबूत करने की अपील की।
अखंड भारत को लेकर उन्होंने कहा कि पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान जैसे क्षेत्रों में हिंदुओं पर अत्याचार की घटनाएं मानव सभ्यता की बड़ी क्रूरताओं में शामिल हैं। उन्होंने कहा कि भारत को दुनिया का श्रेष्ठ लोकतंत्र, मजबूत अर्थव्यवस्था और सम्मानित राष्ट्र बनाना चाहिए।
बाबा रामदेव ने बौद्धिक अराजकता को लोकतंत्र के लिए हानिकारक बताया और कहा कि आंदोलन या विचार रखना हो तो वह संवैधानिक, नैतिक और मानवीय दायरे में होना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि धार्मिक या मजहबी विवादों से ऊपर उठकर देश की प्रगति पर ध्यान देना चाहिए।




