अमृत टुडे, बस्तर छत्तीसगढ़
18 अगस्त 2026 । रक्षाबंधन पर जगदलपुर कलेक्टोरेट में बस्तर की ग्रामीण महिलाओं की प्रदर्शनी आकर्षण बनी। स्व-सहायता समूहों ने प्राकृतिक सामग्रियों से बनी राखियाँ प्रदर्शित कर विक्रय कीं। अधिकारियों ने उत्साहवर्धन करते हुए खरीदारी की। यह पहल लोककला को बाजार से जोड़कर महिलाओं की आजीविका और स्थानीय अर्थव्यवस्था को सशक्त कर रही है।

विवरण: रक्षाबंधन के अवसर पर जगदलपुर कलेक्टोरेट परिसर में बस्तर के ग्रामीण क्षेत्रों की महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा आयोजित प्रदर्शनी ने स्थानीय कला और स्वावलंबन की जीवंत झलक पेश की। धान, चावल, लालभाजी व खीरे के बीज, मयूर पंख, बांस, प्राकृतिक धागे और कौड़ियों से निर्मित राखियों ने पर्यावरण-अनुकूल रुझान के साथ दर्शकों का ध्यान खींचा।

जिला प्रशासन के निर्देश पर आयोजित प्रशिक्षण शिविर में निश्चित कौशल सीखने के बाद महिलाएँ अपने समूहों के साथ बड़े पैमाने पर निर्माण कर बाजार तक पहुंचीं। प्रदर्शनी ने सीधे बिक्री के माध्यम से बिचौलियों को समाप्त कर उत्साहवर्धक आय के साधन मुहैया कराए। इससे महिलाओं की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ हुई और स्थानीय संस्कृति को व्यावसायिक पहचान मिली। यह पहल परंपरा, पर्यावरण संरक्षण और महिला सशक्तिकरण को जोड़कर ‘लोक की आवाज’ को मजबूती दे रही है।




