Amrit Today, Raipur Chhattisgarh
रायपुर के हमार पहुना कार्यक्रम में कथावाचक इंद्रेश महाराज ने पत्रकारों की मेहमाननवाजी और आत्मीय प्रेम की सराहना की। उन्होंने कहा कि सम्मान औपचारिक हो सकता है, लेकिन प्रेम सदैव स्वाभाविक होता है। कथावाचक ने शक्ति के सदुपयोग का संदेश दिया और भगवान जगन्नाथ के भजन से उपस्थित जनों को भावविभोर किया।

विवरण: कथावाचक इंद्रेश महाराज ने रायपुर के हमार पहुना कार्यक्रम में मिले आत्मीय स्वागत पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि पहुना का अर्थ विशिष्ट अतिथि अथवा मेहमान होता है। पत्रकारों ने केवल स्वागत-सम्मान नहीं, बल्कि स्वाभाविक प्रेम दिया, जो उन्हें अत्यंत प्रिय लगा। उन्होंने कहा कि दुनिया में सम्मान और श्रद्धा कई बार औपचारिकता बन जाती है, लेकिन प्रेम हमेशा सहज और स्वाभाविक होता है। इंद्रेश महाराज ने कहा कि सभी के पास शक्ति है और उसका सदुपयोग होना चाहिए। शक्ति का दुरुपयोग अंततः व्यक्ति को ही संकट में घेर देता है। उन्होंने महाप्रभु जगन्नाथ के चक्राकार नेत्रों का उल्लेख किया और भजन प्रस्तुत कर श्रद्धालुओं को भावविभोर किया।



