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रायपुर, 15 मार्च 2025

अमृत टुडे। महिलाओं के सम्मान के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दर्शाने के लिए कांग्रेस द्वारा आयोजित की जा रही एक महत्वपूर्ण यात्रा, जिसे ‘न्याय यात्रा’ नाम दिया गया है, 18 अप्रैल को दुर्ग से प्रारंभ होगी। यह यात्रा, जो कि महिलाओं की सुरक्षा और उनके सम्मान के मुद्दों को उजागर करने का उद्देश्य रखती है, 20 अप्रैल को छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर पहुंचेगी। इसके साथ ही, 21 अप्रैल को एक बड़ी रणनीति के तहत मुख्यमंत्री निवास का घेराव करने की योजना बनाई गई है।

कांग्रेस के समाचार प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने इस यात्रा की जानकारी देते हुए बताया कि इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम का नेतृत्व पीसीसी चीफ दीपक बैज करेंगे। यह यात्रा न केवल महिलाओं के अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने का कार्य करेगी, बल्कि इसमें भाग लेने वाली महिलाओं की आवाज़ को भी मजबूती प्रदान करेगी। इस यात्रा की रूपरेखा और उद्देश्य स्पष्ट हैं: महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा के विषय को प्राथमिकता देना और इसे समाज में एक महत्वपूर्ण चर्चा का विषय बनाना।

संचार प्रमुख ने आगे कहा कि यदि हम सवा साल के इस कार्यकाल का विश्लेषण करते हैं, तो यह स्पष्ट होता है कि वर्तमान सरकार विभिन्न क्षेत्रों में अपनी कार्यक्षमता को साबित करने में असफल रही है। यहाँ तक कि जहां भी हम नज़र डालते हैं, हमें कानून व्यवस्था में गंभीर खामियां दिखाई देती हैं। यह स्थिति इतनी गंभीर है कि अब खुद बीजेपी के सांसद भी खुलकर कानून व्यवस्था की समस्याओं के बारे में सवाल उठाने लगे हैं। इससे एक गंभीर चिंता उत्पन्न होती है क्योंकि जब सत्ताधारी पार्टी के सदस्य ही अपनी सरकार की नाकामियों पर सवाल उठाने लगते हैं, तो यह नागरिकों के लिए एक संकेत होता है कि सरकार अपने कर्तव्यों को निभाने में असमर्थ है।

अधिक जानकारी के लिए, राजधानी के एक पार्षद ने शिकायत दर्ज की है कि उनके वार्ड में खुलेआम सट्टा चल रहा है, जो कानून का स्पष्ट उल्लंघन है और स्थानीय प्रशासन की अनदेखी को दर्शाता है। साथ ही, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की इकाई ने खैरागढ़ क्षेत्र में कुलपति के खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू किया है, जो शिक्षा क्षेत्र में व्याप्त समस्याओं को उजागर करता है।

इन सब घटनाओं से यह स्पष्ट होता है कि अब सिर्फ विपक्षी दल ही नहीं, बल्कि बीजेपी के स्वयं के सदस्य भी सरकार के खिलाफ खुलकर अपनी आवाज उठाने लगे हैं। इस प्रकार की बाहरी आलोचना को देखते हुए, यह सामान्य धारणा बन रही है कि सरकार हर क्षेत्र में पूरी तरह से फेलियर साबित हो रही है।

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