रायपुर,18 जुलाई 2025
अमृत टुडे । एकता फाउंडेशन के द्वारा सेक्टर-02 हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी सड्डू में आयोजित ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान का आयोजन बेहद सफल रहा। इस विशेष कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य न केवल पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाना था, बल्कि माताओं के प्रति सम्मान और उनकी महानता को भी उजागर करना था। इस अभियान के तहत, प्रतिभागियों ने एक साथ आकर विभिन्न गतिविधियों में भाग लिया। इसके माध्यम से, समुदाय के सदस्यों को एकजुट होकर पर्यावरण की रक्षा के महत्व का एहसास हुआ और मातृ शक्ति को मान्यता देने का एक प्रभावी माध्यम प्राप्त हुआ।

सेक्टर-02 हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी सड्डू में आयोजित किए गए इस विशेष कार्यक्रम में युवा लड़के-लड़कियों के साथ-साथ पुरुषों और महिलाओं ने बड़ी संख्या में हिस्सा लिया। इस आयोजन में सहभागिता करने वाले सभी प्रतिभागियों ने मिलकर उत्साह और जोश के साथ विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए, जो न केवल पर्यावरण की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण हैं, बल्कि श्रम और सामूहिक प्रयास का भी प्रतीक हैं। सभी ने अपने-अपने माताओं के नाम पर इन पौधों को समर्पित किया, जिससे इस कार्य में एक भावनात्मक और व्यक्तिगत जुड़ाव भी जुड़ गया। इस प्रकार, यह कार्यक्रम न केवल वृक्षारोपण के लिए एक अवसर था, बल्कि मातृत्व के प्रति सम्मान और प्रेम व्यक्त करने का एक सुंदर तरीका भी था।

मुख्य अतिथि रायपुर ग्रामीण के विधायक प्रतिनिधि मैकमिलन साहू, भाजपा छत्तीसगढ़ प्रदेश मंत्री किशोर महानंद, वार्ड पार्षद सावित्री धीवर, समाज सेविका सुषमा सावंत राय, तथा योगाचार्य चूड़ामणि नायक ने इस महत्वपूर्ण अवसर पर अपने विचार साझा करते हुए कहा कि “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान न केवल पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकता को उजागर करता है, बल्कि मातृत्व के महत्व को भी दर्शाता है। इस संदर्भ में, उन्होंने जोर देकर कहा कि हमें सभी को मिलकर पेड़ लगाने और हमारे प्राकृतिक वातावरण की रक्षा करने का संकल्प लेना चाहिए।

इसके साथ-साथ, इस आयोजन में एकता फाउंडेशन के अध्यक्ष शशांत साहू, उपाध्यक्ष विद्या साहू, सचिव इंद्रा गवेल, पर्ल शाइन पब्लिक स्कूल के प्राचार्य गजेन्द्र पटले, कुंवारी हर्षा पटले, उषा हाजरा, कंचन सिंह, गिरजा लहरी, लखनी तुर्काने, बिंदु भरडकर, शाहरुख और नजीरा जैसे कई प्रतिष्ठित व्यक्तित्वों की उपस्थिति देखी गई, जिन्होंने इस पहल को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस आयोजन का उद्देश्य न केवल वृक्षारोपण को प्रोत्साहित करना था, बल्कि यह भी जागरूकता फैलाना था कि वास्तविकता में हमारी धरती की सुरक्षा के लिए किस प्रकार प्रयास किए जाने चाहिए।

