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जनसहयोग से स्थायी सीमा चिन्हों का निर्माण – ग्राम सेमरा डी बना अनुकरणीय उदाहरण…..

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सीमांकन विवादों के स्थायी समाधान की दिशा में ग्राम विकास समिति की अभिनव पहल

धमतरी, 26 जुलाई 2025

अमृत टुडे। धमतरी जिले के भखारा तहसील अंतर्गत ग्राम पंचायत सेमरा डी ने भूमि सीमा निर्धारण और राजस्व विवादों के स्थायी समाधान हेतु एक अनुकरणीय कदम उठाया है। ग्राम विकास समिति व ग्रामवासियों के सामूहिक प्रयास और जनसहयोग से गांव की सीमाओं पर 14 स्थायी सीमा चिन्ह — चांदा पत्थर — स्थापित किए गए हैं। यह कार्य 25,000 रुपये की लागत से पूर्ण किया गया, जिसे ग्रामवासियों द्वारा स्वेच्छा से सहयोग प्रदान कर संभव बनाया गया।

क्या होता है चांदा पत्थर
ग्रामों की सीमाओं, सरहदों या सिहद्दा क्षेत्रों में नक्शानुसार चिन्हित बिंदुओं पर लगाए जाने वाले स्थायी सीमा चिन्हों को “चांदा पत्थर” कहा जाता है। ये चिन्ह सीमांकन, भूमि मापन, बंटवारा, स्थल जांच और भूमि विवादों के निवारण में अत्यंत सहायक होते हैं। बंदोबस्त के पश्चात अक्सर ये चिन्ह कालांतर में नष्ट या गायब हो जाते हैं, जिससे भूमि संबंधी कार्यों में कठिनाई उत्पन्न होती है।

सर्वे-रीसर्वे योजना के तहत जागरूकता
राज्य सरकार द्वारा आरंभ की गई सर्वे-रीसर्वे योजना के अंतर्गत जिले में पुनः सर्वेक्षण कार्य प्रारंभ हो चुका है। कलेक्टर  अबिनाश मिश्रा के निर्देशन और अपर कलेक्टर श्रीमती इंदिरा नवीन सिंह के मार्गदर्शन में चयनित ग्रामों में ग्राम चौपालों का आयोजन कर ग्रामीणों को इस योजना के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।

ग्राम सेमरा डी में आयोजित ग्राम चौपाल में अधीक्षक भू अभिलेख एवं मास्टर ट्रेनर दीपचंद भारती द्वारा चांदा पत्थरों की आवश्यकता, रखरखाव और महत्व के विषय में ग्रामीणों को जागरूक किया गया। इसके उपरांत भू-अभिलेख शाखा, राजस्व निरीक्षक, पटवारी, चैनमैन व कोटवारों की टीम ने ग्राम की पूर्ववत सीमाओं का स्थल निरीक्षण कर लुप्तप्राय सीमा चिन्हों की पहचान की और अस्थायी चिन्हों की स्थापना की

स्थायी समाधान की दिशा में कदम
ग्राम पंचायत, ग्राम विकास समिति और जनप्रतिनिधियों सरपंच  सुनीता कमल नारायण ध्रुव, समिति कोषाध्यक्ष कमल नारायण ध्रुव, एवं सदस्यगण सोहन साहू, लक्ष्मण साहू, चंद्रकुमार साहू, नितेश ध्रुव सहित अन्य ग्रामवासियों के सक्रिय सहयोग से सीमाओं पर 2×2 वर्गफुट आकार के 14 चांदा पत्थर स्थापित किए गए। कोटवार द्वय कुलेश्वर साहू और भीमराज साहू की भूमिका भी सराहनीय रही।

स्थायी चिन्हों के संरक्षण हेतु प्रस्तावित कार्यवाही
ग्राम सेमरा डी की ग्राम सभा ने यह भी निर्णय लिया है कि इन स्थायी चिन्हों को कोई नुकसान न पहुंचा सके, इसके लिए सतत निगरानी की जाएगी और नुकसान पहुंचाने वालों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई हेतु प्रस्ताव भी पारित किया गया है। यह सोच ग्राम में भूमि संबंधी विवादों के स्थायी समाधान के साथ-साथ भविष्य के सर्वे कार्यों को भी सरल बनाएगी।

कलेक्टर की सराहना
कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने ग्राम सेमरा डी की इस जनसहयोग आधारित पहल की प्रशंसा करते हुए कहा कि “सीमा चिन्हों का निर्माण और संरक्षण यदि जनभागीदारी से हो, तो यह एक मील का पत्थर बन सकता है। ग्राम सेमरा डी ने जो पहल की है, वह जिले के अन्य ग्रामों के लिए प्रेरणा स्रोत बनेगी।” उन्होंने इस कार्य में संलग्न सरपंच, समिति अध्यक्ष, कार्यकारिणी सदस्य, ग्रामवासी, तहसील स्तरीय सीमांकन दल विशेषकर हल्का पटवारी श्री मोहम्मद ईरफान और राजस्व अमले का विशेष रूप से आभार व्यक्त किया।

ग्राम सेमरा डी की यह पहल बताती है कि जब ग्रामवासी, जनप्रतिनिधि और प्रशासन मिलकर कार्य करते हैं, तो जमीनी समस्याओं का स्थायी समाधान न केवल संभव होता है, बल्कि वह पूरे जिले के लिए एक अनुकरणीय उदाहरण बन जाता है। भूमि विवादों के समाधान और राजस्व व्यवस्था को पारदर्शी व सुगम बनाने में यह कदम दूरगामी प्रभाव डालेगा।

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