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रायपुर, 06 सितम्बर 2025

अमृत टुडे। साय सरकार ने बिजली बिल की हाफ योजना को बंद करने का निर्णय लिया है, जिससे कई लोग निराश और चिंतित हैं।

पहले,
100 यूनिट तक की बिजली की खपत करने वालों के बिजली बिल आधे आते थे, लेकिन अब यह योजना समाप्त कर दी गई है। वहीं, 101 यूनिट या उससे अधिक की खपत करने पर उपभोक्ताओं को पूर्ण मूल्य के बिल चुकाने होंगे।

इस माह के बिलों की वृद्धि ने लोगों में बेचैनी पैदा कर दी है, क्योंकि आम आदमी का घरेलू बजट इस वृद्धि के कारण बुरी तरह प्रभावित हुआ है।

सरकार की मुनाफाखोरी वाली नीति के कारण, जब पूर्ववर्ती पार्वती सरकार बिजली की दरों को आधा कर सकती थी, तो वर्तमान सरकार ऐसा क्यों नहीं कर रही है? क्यों जनता के ऊपर बिजली की महंगी दरों का बोझ डाला जा रहा है? जनता को मिलने वाली सुविधाओं को अचानक बंद करने का क्या कारण है? 2023 के विधानसभा चुनाव में जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कई आश्वासनों के साथ जनता से वादे किए थे, उन्हें अब तक पूरा नहीं किया गया है।

इसके अलावा, जो जनकल्याण की योजनाएं पूर्व सरकार द्वारा स्थापित की गई थीं, उन्हें अब बंद कर दिया गया है।

इस माह बिजली बिलों में हुई इस अनियोजित और गंभीर वृद्धि के कारण छत्तीसगढ़ के हर वर्ग के लोग—चाहे वे छोटे हों या बड़े—दूसरों की तुलना में अधिक चिंतित और परेशान हैं।

इस स्थिति ने स्थानीय नागरिकों के जीवन स्तर को भी प्रभावित किया है, और यह आवश्यक हो गया है कि सरकार इस मुद्दे की गंभीरता को समझे और नागरिकों की समस्याओं का समाधान निकाले।

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