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रायपुर,16 सितम्बर 2025

अमृत टुडे। एनएचएम कर्मियों की मांगें पूरी तरह से जायज़ हैं, और यह एक महत्वपूर्ण मुद्दा है जिसे गंभीरता से लिया जाना चाहिए।

सरकार को उनके द्वारा उठाए गए मुद्दों और समस्याओं पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करना चाहिए, बजाय इसके कि वे कर्मियों को बर्खास्तगी की धमकी देकर डराएँ।

यह एप्रोच न केवल कर्मियों के लिए बल्कि पूरे समाज में काम करने वाली संस्थाओं के लिए नकारात्मक संदेश भेजता है।

केंद्र सरकार ने एक स्पष्टता से यह बात कह दी है कि नियमितीकरण का मुद्दा राज्य सरकार के दायरे में आता है, जो कि कार्यबल के स्थायित्व और समृद्धि के लिए एक महत्वपूर्ण पहलू है।

इसके बावजूद, भारतीय जनता पार्टी (BJP) अपने संकल्प पत्र में कई गलत बातें कहकर नागरिकों को भ्रामक जानकारी प्रदान कर रही है।

वर्तमान परिस्थिति में,
यह विचार किया जाना चाहिए कि भाजपा जिस तरह से अपने अधिकारों का प्रयोग कर रही है, उसे हिटलरशाही के रूप में संदर्भित किया जा रहा है, जो कि लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है।

ऐसी स्थिति में,
यह आवश्यक है कि नीति निर्माताओं और प्रशासनिक अधिकारियों को इस गंभीर विषय पर ध्यान देना चाहिए और एनएचएम कर्मियों की जायज़ मांगों का उचित समाधान तलाश करना चाहिए।

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