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बिहार के पटना में होने वाली बैठक में रायपुर एयरपोर्ट से रवाना हुए पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पत्रकारों से चर्चा की…..

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रायपुर,23 सितम्बर 2025

अमृत टुडे । पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जो रायपुर एयरपोर्ट से रवाना होकर बिहार के पटना में आयोजित होने वाली महत्वपूर्ण बैठक में भाग लेने के लिए आए हैं, ने वहां पत्रकारों के साथ विस्तृत चर्चा की।

इस चर्चा के दौरान उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने हाल ही में दो प्रभावशाली प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की हैं, जिनका राजनीतिक परिदृश्य पर गहरा प्रभाव पड़ा है।

भूपेश बघेल ने यह भी उल्लेख किया कि इन प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से भाजपा के नेताओं की रणनीति और चाल बिगड़ गई है।

उन्होंने चिताते हुए कहा कि जब हाइड्रोजन बम फटेगा, तो उसके परिणामों पर गंभीरता से विचार करना आवश्यक होगा, क्योंकि यह केवल राजनीतिक विवादों तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि इसके व्यापक और दूरगामी प्रभाव भी होंगे।

इस प्रकार उनकी बातों में न केवल राजनीतिक संदर्भ की गहराई थी बल्कि उन्होंने सामाजिक और राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दों की भी ओर इशारा किया।

पूर्व मंत्री ननकीराम कंवर के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को लिखे पत्र को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भाजपा पर कटाक्ष किया है।

पूर्व मंत्री ननकीराम कंवर द्वारा मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को लिखे गए पत्र को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर एक तीखा कटाक्ष किया है।

उन्होंने अपने बयान में यह स्पष्ट किया कि भाजपा के नेता अक्सर कांग्रेस पार्टी के बारे में अत्यधिक और आलोचनात्मक टिप्पणियाँ करते हैं।

इस संदर्भ में उन्होंने यह सवाल उठाया कि अब भाजपा में वरिष्ठ नेता की घटनाओं की स्थिति क्या है? उन्होंने पूर्व में हुई एक घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्यपाल और कलेक्टर उस समय बैठे हुए थे, जबकि ननकीराम कंवर खड़े थे, जो उनके लिए एक महत्वपूर्ण संकेत हो सकता है।

यह देखना होगा कि ननकीराम कंवर द्वारा दिए गए अल्टीमेटम पर भाजपा के नेताओं की ओर से क्या प्रतिक्रिया आती है। इस पूरे मामले से यह भी स्पष्ट होता है कि राजनीतिक गतिशीलता कितनी जटिल हो सकती है और कैसे विभिन्न नेताओं के बयानों का प्रभाव एक-दूसरे पर पड़ता है।

भूपेश बघेल ने इसके साथ 22 सितंबर से लागू देश में जीएसटी 2.0 को लेकर कहा

भूपेश बघेल जो छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री हैं, ने 22 सितंबर से लागू होने वाले देश में जीएसटी 2.0 के संदर्भ में अपनी बात रखी है।

उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि केंद्र सरकार ने गलत तरीके से जीएसटी लागू करके देश की जनता को पिछले आठ वर्षों तक नुकसान पहुँचाया है, जिसका परिणाम यह हुआ है कि आम जनता की आय सीमित और प्रभावित हुई है।

उन्होंने यह टिप्पणी करते हुए कहा कि सरकार को तब समझ आया जब जनता की आर्थिक स्थिति गंभीर रूप से प्रभावित हुई।

मुख्यमंत्री बघेल ने यह भी आरोप लगाया कि पहले जो भाषण वे स्वयं देते थे, वे अब केंद्र सरकार द्वारा दोहराए जा रहे हैं।

महंगाई की समस्या पर पहले भी चर्चा की गई थी, जिसमें यह कहा गया था कि महंगाई में कमी आएगी। अब, मौजूदा समय में भी महंगाई में कमी के संबंध में वही पुराने दावे किए जा रहे हैं, जो कि जनता के लिए निराशाजनक स्थिति को प्रदर्शित करते हैं।

इस संदर्भ में भूपेश बघेल ने पूरे विश्वास के साथ अपनी बात रखी, जिसमें उन्होंने सरकारी नीतियों और विकास पर गहन विचार करने की आवश्यकता दिखाई।

इसके साथ ही पटना में होने वाली कांग्रेस वर्किंग कमेटी की विस्तारित बैठक को लेकर कहा

इसके साथ ही पटना में होने वाली कांग्रेस कार्यसमिति (सीडब्ल्यूसी) की विस्तारित बैठक के संबंध में यह स्पष्ट किया गया है कि यह बैठक आजादी के बाद पहली बार बिहार के पटना में आयोजित की जा रही है। इस बैठक का महत्व इस तथ्य से और भी बढ़ जाता है कि इस समय बिहार में चुनाव प्रक्रिया भी चल रही है।

इसी संदर्भ में राहुल गांधी ने वोट चोरी के मुद्दे को लेकर 16 दिनों की यात्रा की है, जो इस मौजूदा राजनीति में एक महत्वपूर्ण पहलू बन गया है। इस प्रकार, बिहार में होने वाली सीडब्ल्यूसी की बैठक अत्यधिक महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

इस विस्तारित बैठक में कई प्रमुख कांग्रेस नेता शामिल होंगे, जिनमें पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, छत्तीसगढ़ कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज, पूर्व मंत्री ताम्रध्वज साहू और फूलोदेव नेताम शामिल हैं। ये सभी नेता पार्टी की रणनीतियों और आगामी चुनावों से संबंधित महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा करेंगे।

इस बैठक के दौरान,
भविष्य में होने वाली बैठकों और घटनाक्रमों की योजना बनाने के साथ-साथ, पार्टी के आंतरिक मामलों पर भी ध्यान केंद्रित किया जाएगा। साथ ही, यह भी महत्वपूर्ण है कि बैठक में विचार-विमर्श के दौरान, नेताओं के आगमन और उनके योगदान को भी संज्ञान में लिया जाएगा।

अंत में,
जब हाइड्रोजन का विस्फोट होगा, तब उसके प्रभावों और परिणामों को लेकर क्या योजनाएँ बनायी जाएंगी, इस पर भी विचार किया जाएगा।

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