“पं. धीरेंद्र शास्त्री की श्री हनुमंत कथा 4 अक्टूबर से रायपुर में, बसंत अग्रवाल ने दी जानकारी”..
“श्री हनुमंत कथा में मुख्यमंत्री साय सहित मंत्रिमंडल और विधायक लेंगे भाग”..
“राजनीतिक नेतृत्व भी होगा कथा में शामिल, मुख्यमंत्री साय करेंगे रसपान”…
“श्री हनुमंत कथा के लिए धार्मिक व सामाजिक संगठनों ने उठाई सेवा की बागडोर”…
रायपुर, अमृत टुडे। युवा समाजसेवी चंदन – बसंत अग्रवाल, जो कि खम्हरिया क्षेत्र में अपनी सेवाओं के लिए जाने जाते हैं, के नेतृत्व में स्व. श्री पुरुषोत्तम अग्रवाल स्मृति फाउंडेशन की ओर से एक महत्वपूर्ण आयोजन किया जा रहा है। इस आयोजन के अंतर्गत, दही हांडी उत्सव का आयोजन किया जाएगा, जो कि स्थलों के चुनाव में एक अद्वितीय स्थान रखता है। यह उत्सव स्थल है अवधपुरी मैदान, जो कि श्रीनगर रोड पर स्थित गुढ़ियारी में है।


इस वर्ष, यह विशेष उत्सव दूसरी बार आयोजित किया जा रहा है, और इस अवसर पर बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर, पूज्य पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री जी का आगमन भी होगा। वे 4 से 8 अक्टूबर के दौरान श्री हनुमंत कथा का आयोजन करने हेतु उपस्थित होने वाले हैं। इस मौक़े पर, उन दिनों में से किसी भी दिन, वे अपने दिव्य दरबार की व्यवस्था सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे के बीच कर सकते हैं। यह निश्चित रूप से भक्तों के लिए एक अद्वितीय अनुभव होगा, जहां वे सीधे पूज्य पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री जी से संवाद कर सकेंगे और कथा के माध्यम से आध्यात्मिक ज्ञान अर्जित कर सकेंगे।

3 अक्टूबर की शाम को, पूज्य पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री राजधानी रायपुर के समृद्ध इतिहास और सांस्कृतिक धरोहर के केंद्र की ओर कदम बढ़ाएंगे। वहां, माना विमानतल पर उनका स्वागत करने के लिए युवा समाजसेवी चंदन और बसंत अग्रवाल, जो कि थान खम्हरिया क्षेत्र से जुड़े हुए हैं, मौजूद रहेंगे। इन समाज सेवियों के साथ-साथ स्वर्गीय श्री पुरुषोत्तम अग्रवाल स्मृति फाउंडेशन के अन्य सदस्य भी कार्यक्रम में भाग लेने के लिए तैयार हैं। जैसे ही पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री गुढिय़ारी की पावनधारा पर पहुँचेंगे, वहां फूलों की वर्षा के माध्यम से उनका भव्य स्वागत किया जाएगा, जो इस महत्वपूर्ण अवसर की दिव्यता को और भी बढ़ा देगा।

कथा स्थल की तैयारियों को उत्कृष्टता के साथ अंतिम रूप दिया जा रहा है। इसके लिए विभिन्न धार्मिक और सामाजिक संगठनों ने मिलकर अलग-अलग जिम्मेदारियाँ ग्रहण की हैं, और सभी सहयोगी संस्थाएँ इस कार्य में निस्वार्थ भाव से सेवाएं प्रदान कर रही हैं। इससे पहले, चंदन और बसंत अग्रवाल के नेतृत्व में, रूपनारायण सिंह, लोकेश कावडिय़ा, किशोर महानंद, और स्व. श्री पुरुषोत्तम अग्रवाल स्मृति फाउंडेशन के अनेक सदस्यों की उपस्थिति में, इस फाउंडेशन के कार्यालय का विधिवत उद्घाटन बड़े धूमधाम से किया गया था। इस उद्घाटन समारोह ने समाज में स्वर्गीय श्री पुरुषोत्तम अग्रवाल के प्रति श्रद्धा व्यक्त करने का एक महत्वपूर्ण अवसर प्रदान किया।

पत्रकारों से चर्चा करते हुए युवा समाजसेवी चंदन – बसंत अग्रवाल, जो खम्हरिया क्षेत्र में सक्रिय हैं, ने बड़े उत्साह के साथ कहा कि पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का देश के विभिन्न हिस्सों में कथा करने का अनूठा अनुभव, विशेषकर रायपुर छत्तीसगढ़ के संदर्भ में, अत्यधिक महत्वपूर्ण है। उन्होंने उल्लेख किया कि पं. शास्त्री जब भी अपनी धार्मिक कथाओं का आयोजन करते हैं, तो रायपुर शहर का नाम लेना कभी नहीं छोड़ते हैं। वास्तव में, वे अपनी प्रत्येक कथा में यह कहते हैं कि रायपुर उनके मौसिया का गांव है, और यह स्थान भगवान श्रीराम का नौनिहाल है, जो धार्मिक भावना और आस्था का प्रतीक है।

चंदन – बसंत अग्रवाल ने यह भी बताया कि जब पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री पहली बार इस शहर में कथा करने के लिए आए थे, तब उन्हें यह उम्मीद नहीं थी कि इतने बड़े संख्या में भक्त उनकी कथा सुनने के लिए आएंगे। इस अवसर ने उन्हें रायपुर में और अधिक लोकप्रियता प्राप्त करने का मार्ग प्रशस्त किया। उन्होंने आगे कहा कि इस बार पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री 4 से 8 अक्टूबर 2025 के बीच पुनः गुढिय़ारी रायपुर की पवित्र भूमि पर कथा करने के लिए आ रहे हैं।
इस बार उनकी कथा को सफल बनाने के उद्देश्य से, पिछली बार की तुलना में अधिक भक्तों के आने की संभावना को दृष्टिगत रखते हुए, अवधपुरी मैदान को भव्य पंडाल से सजाया जा रहा है। इसके अतिरिक्त, भक्तों की सुविधा के लिए जगह-जगह पर एलईडी स्क्रीन भी स्थापित किया जा रहा है, ताकि वे आराम से पं. श्री धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की कथा का रसपान कर सकें। यह आयोजन न केवल धार्मिक उत्साह को बढ़ावा देगा बल्कि क्षेत्र में सामाजिक और सांस्कृतिक एकता को भी सुदृढ़ करेगा।
कई वीईआईपी आएंगे कथा सुनने
चंदन – बसंत अग्रवाल ने विस्तृत रूप से बताया कि बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर पूज्य पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की कथा सुनने के लिए इस बार कई उल्लेखनीय और prominente वीआईपी व्यक्तियों की उपस्थिति सुनिश्चित की गई है। इस विशेष कार्यक्रम में शामिल होने के लिए कई महत्वपूर्ण राजनीतिक नेता आ रहे हैं, जिनमें राज्य के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय शामिल हैं, जो अपनी धर्मपत्नी कौशल्या देवी साय के साथ आ रहे हैं। इसके अतिरिक्त, उपमुख्यमंत्री के पद पर कार्यरत अरुण साव और विजय शर्मा भी इस आयोजन में भाग लेने की योजना बना रहे हैं। विधानसभा के अध्यक्ष, डा. रमन सिंह, अपनी पत्नी वीणा सिंह के साथ, इस कथा का श्रवण करने की अवसर का लाभ उठाने के लिए वहां उपस्थित होंगे। इसके साथ ही, मंत्रिमंडल के अन्य सहयोगियों, रायपुर के चारों विधायक, नगर निगम की महापौर मीनल चौबे, सभापति सूर्यकांत राठौर, तथा अन्य गणमान्य नागरिक भी इस धार्मिक और आध्यात्मिक आयोजन में सम्मिलित होने के लिए अपनी उपस्थिति दर्ज कराऐंगे। यह सभी व्यक्तित्व इस कार्यक्रम को विशेष बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे, जिससे कि ये आयोजन और भी ऊर्जावान और समृद्ध हो सके।
फोर व्हीलर उपयोग कम कर बाइक से आएं कथा सुनने
युवा समाजसेवी चंदन – बसंत अग्रवाल ने आम जनता से एक महत्वपूर्ण अपील करते हुए कहा कि जब भी आप कथा सुनने के लिए आएं, तो कृपया अपनी यात्रा बाइक से करें। यात्रा स्थल के समीप, जहां कथा का आयोजन किया जा रहा है, एक भव्य और सुव्यवस्थित पार्किंग स्थल का निर्माण किया जा रहा है। यह पार्किंग स्थल विशेष रूप से आपके सुविधा के लिए तैयार किया जा रहा है, ताकि आप कथा का रसपान करने के बाद आसानी से अपने गंतव्य स्थान की ओर बिना किसी कठिनाई के आगे बढ़ सकें। इससे आपके लिए जाम की समस्या का सामना करना भी आसान हो जाएगा।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि चार पहिया वाहनों का उपयोग कम से कम करें, क्योंकि, यद्यपि चार पहिया वाहनों के लिए भी पार्किंग की व्यवस्था की गई है, कथा समाप्त होने के उपरांत उन्हें निकलने में अधिक परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। इसी क्रम में, पत्रकारों के लिए अलग से एक समर्पित पार्किंग की व्यवस्था की गई है, जहाँ वे अपनी ईवी वैन, चार पहिया और दो पहिया वाहनों को सुरक्षित ढंग से पार्क कर सकते हैं। इस तरह की सुविधाओं के माध्यम से, हम सभी को एक सुखद और व्यवस्थित अनुभव प्रदान करने का प्रयास कर रहे हैं।
भोजन से लेकर यातायात व्यवस्था रहेगी चाक-चौबंध
दही हांडी उत्सव स्थल, जो कि प्रतिष्ठित अवधपुरी मैदान में स्थित है, में इस वर्ष दूसरी बार बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर पूज्य पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की कथा सम्पन्न करने के लिए आगमन होने जा रहा है। इस विशेष अवसर पर, लाखों की संख्या में उनके भक्ति भाव से युक्त अनुयायी भी यहां पर उपस्थित होंगे, जो अपने गुरु के प्रति अपने श्रद्धा और सम्मान का प्रदर्शन करेंगे।
इस आयोजन को ध्यान में रखते हुए, बाहर से आने वाले भक्तों के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। प्रतिदिन रात्रि 9 बजे और सुबह 10 बजे स्वादिष्ट और पौष्टिक भोजन (भंडारा) की व्यवस्था की गई है, जिसे युवा समाजसेवी चंदन और बसंत अग्रवाल की कमान में संचालित किया जा रहा है। यह व्यवस्था स्व. श्री पुरुषोत्तम अग्रवाल स्मृति फाउंडेशन की सहायक टीम द्वारा नि:शुल्क प्रदान की जा रही है, जो कि सामाजिक सेवा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
इसके साथ ही, कथा के समापन के बाद सभी भक्तों के लिए प्रसाद वितरित करने की व्यवस्था भी की गई है, जिससे कि सभी भक्त उस दिव्य अनुभव का भरपूर लाभ उठा सकें और अपने मन में आस्था के साथ अपने गुरु से जुड़े रहें। इस प्रकार, यह आयोजन न केवल धार्मिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह साहचर्य और एकता के प्रतीक के रूप में भी कार्य करता है।
चंदन – बसंत अग्रवाल ने जानकारी दी कि पंडाल स्थल में ‘पहले आओ – पहले पाओ’ की एक सुव्यवस्थित व्यवस्था की जाएगी। यह व्यवस्था विशेष रूप से इसलिए बनाई गई है क्योंकि वहां लाखों भक्तगणों के बैठने की सुविधाजनक व्यवस्था समिति के द्वारा पूर्व में सुनिश्चित की गई है। यह ध्यान रखा गया है कि यातायात में किसी प्रकार की परेशानी न आए और भक्तों को सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से कार्यक्रम स्थल तक पहुँचने में कोई कठिनाई न हो। इसके लिए जिला प्रशासन और यातायात पुलिस पूरी तत्परता से उनकी सहायता कर रहे हैं, और यह सहायता 6 दिनों तक निरंतर जारी रहेगी।
इस भव्य आयोजन से जुड़े सभी सेवादारों को उनकी योग्यतानुसार और अनुभव के आधार पर जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। यह प्रणाली सुनिश्चित करती है कि प्रत्येक व्यवस्था त्रुटिहीन और सुगम हो, ताकि सभी उपस्थित भक्तगण बेफिक्र होकर अपने धार्मिक कर्तव्यों का पालन कर सकें। राजधानियाँ रायपुर सहित छत्तीसगढ़ के सभी जिलों में इस आयोजन को लेकर भक्तों में अद्भुत उत्साह देखा जा रहा है। इसके अलावा, neighboring राज्यों जैसे मध्यप्रदेश, ओडिशा, और महाराष्ट्र के भक्त भी इस कथा में शामिल होने के लिए उत्सुकता से आ रहे हैं, और कई भक्त अपनी सेवादारी निभाने के लिए पहले से ही पहुंच चुके हैं। यह समारोह न केवल धार्मिक आस्था को दर्शाता है, बल्कि श्रद्धालुओं के बीच आपसी सहयोग और सद्भाव का भी प्रतीक है।
पत्रकारवार्ता के दौरान, जिसमें विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों और प्रबुद्ध नागरिकों ने भाग लिया, महेश शर्मा, विनोद अग्रवाल, श्रवण शर्मा, वीरेंद्र पारख, डॉ. विकाश अग्रवाल, हेमंत साहू, आजाद गुर्जर, रमेश बंसल, पुष्पेंद्र उपाध्याय, जगदेव अग्रवाल, सतनारायण स्वामी, मोहन उपरकार और अन्य गणमान्य नागरिक जन उपस्थित थे। इस अवसर पर, उपस्थित व्यक्तियों ने विचारों का आदान-प्रदान किया और साम्प्रदायिक मुद्दों, सामाजिक विकास और समग्र भलाई के लिए योगदान देने के तरीके पर चर्चा की। सभा में शामिल सभी व्यक्तियों ने अपनी संबंधित विशेषज्ञता और अनुभव के आधार पर महत्वपूर्ण विचार प्रस्तुत किए, जिससे संवाद को और भी समृद्ध और उपयोगी बनाया गया।

