राजधानी में जाम से त्रस्त NSUI: लोधीपारा‑शंकरनगर आदि इलाकों में सुधार की मांग
NSUI ने चेतावनी दी — ट्रैफिक सुधार न हुआ तो आंदोलन शुरू करेंगे
रायपुर, अमृत टुडे। राजधानी की बिगड़ती यातायात व्यवस्था को लेकर एनएसयूआई ने आज एक अनोखे और प्रतीकात्मक अंदाज़ में विरोध प्रकट किया है। इस अवसर पर, एनएसयूआई के कार्यकर्ताओं ने प्रभारी महामंत्री हेमंत पाल के नेतृत्व में एकत्रित होकर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (यातायात) को एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन सौंपते समय, कार्यकर्ताओं ने नींबू और मिर्ची लेकर विभाग की “नज़र उतारी” भी की, जो कि भारत में प्रचलित एक सांकेतिक प्रथा है, जिसका उद्देश्य किसी समस्या के संदर्भ में ध्यान आकर्षित करना है। इस गतिविधि के माध्यम से, एनएसयूआई ने चेतना व्यक्त की कि उन्हें यातायात सुधार की गंभीर आवश्यकता है।

संस्थान के प्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया कि स्थानीय क्षेत्रों जैसे लोधीपारा, शंकरनगर, मोवा और पंडरी में यातायात की स्थिति लगातार बेहद खराब बनी हुई है, जिससे न केवल नागरिकों, बल्कि विशेष रूप से छात्रों को अत्यधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। वाइस चेयरमैन पुनेश्वर लहरे ने एक सख्त चेतावनी दी कि यदि इस समस्या के समाधान हेतु जल्द ही कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, तो एनएसयूआई को और अधिक सशक्त रूप से आंदोलन करने के लिए बाध्य होना पड़ेगा। उनकी यह चेतावनी इस बात का संकेत है कि छात्रों और नागरिकों की बातों को गंभीरता से लिया जाना आवश्यक है, अन्यथा वे अपनी आवाज़ उठाने में कोई संकोच नहीं करेंगे।
प्रमुख माँगें —
शहर के विभिन्न चौक-चौराहों पर नए और प्रभावी ट्रैफिक सिग्नल लगाए जाएँ, ताकि वहां से गुजरने वाले सभी वाहनों और पैदल चलने वालों के लिए सुरक्षा में सुधार हो सके, और ट्रैफिक के सुचारु संचालन को सुनिश्चित किया जा सके।

विशेष रूप से स्कूल और कार्यालय के समय में, जिसमें सुबह के अर्ली आवर और शाम को कार्य समाप्ति के समय शामिल हैं, ट्रैफिक ड्यूटी की व्यवस्था की जाए, जिससे इन भीड़-भाड़ वाले समय में सड़क पर ट्रैफिक की देखरेख और नियंत्रण बेहतर तरीके से किया जा सके।
अवैध पार्किंग और अतिक्रमण के मामलों पर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि शहर की सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर अतिक्रमण करने वाले व्यक्तियों के खिलाफ ठोस कदम उठाए जा सकें, और इस तरह शहर की खामियों को कम किया जा सके।
कार्यक्रम में मोनू तिवारी, पुनेश्वर लहरे, अंकित बंजारे, हिमांशु तांडी, मनीष बांधे, अर्सलान शेख, तिरुपति राव सहित कई अन्य कार्यकर्ताओं ने सक्रिय रूप से भाग लिया, जो इस मुद्दे को उठाने और शहर की ट्रैफिक समस्याओं को हल करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।


