“3,716 करोड़ का बोनस — अब किसानों से वसूली? भाजपा की सच्चाई सामने”
“117-117 बढ़ोतरी से नहीं, कटौती से हुआ नुकसान: किसान vs सरकार”
“3286 रुपए नहीं! भाजपा की धान खरीद नीति से किसानों को 2,790 करोड़ का झटका”
“किसानों को 4,545 करोड़ का नुकसान — क्या यह ‘बैंक वसूली’ नहीं है?”
“भाजपा: जनता से वसूलना, जनता को देना नहीं — आरोपों का नया मोर्चा”
“बोनस का ड्रामा, वसूली का फरमान — किसानों को मिली धोखा की कहानी”
“धोखे की राजनीति: बोनस का वादा, वसूली का असल चेहरा”
रायपुर, अमृत टुडे। धनंजय सिंह ठाकुर ने स्पष्ट रूप से कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का प्रमुख कार्य केवल किसानों को धोखा देना है। उन्होंने कहा कि पिछले दो वर्षों के दौरान अनुबंधित 37 सौ सोलह करोड़ रुपए का बकाया, जिसे सरकार ने एक प्रकार से किसानों को दिया गया समझा, अब उसकी वसूली इसी सरकार द्वारा समर्थन मूल्य को बचाकर की जा रही है। जब से भाजपा की सरकार ने सत्ता संभाली है, तब से समर्थन मूल्य में दो बार एक महत्वपूर्ण बढ़ोतरी की गई है—पहली बार 117 रुपए और दूसरी बार 117 रुपए की पिछली राशि के प्रति बढ़ोतरी की गई है।

हालांकि, पिछली बार किसानों को 117 रुपए कम दिया गया, जिसके चलते उन्हें लगभग 1755 करोड़ रुपए का नुकसान झेलना पड़ा, जबकि इस राशि का फायदा सीधे तौर पर सरकार के खाते में जमा हुआ। वर्तमान में, ऐसा प्रतीत होता है कि सरकार की इरादे धान की खरीद के लिए 3286 रुपए का समर्थन मूल्य निर्धारित करने के लिए नहीं है, जिससे इससे भी अधिक, यानी 2790 करोड़ रुपए की हानि किसानों को होगी।
इसका मतलब यह है कि 3716 करोड़ रुपए, जो ग्यारह लाख किसानों को बोनस के रूप में दिया जाना है, उसकी वसूली प्रदेश के 27 लाख से अधिक किसानों से की जा रही है। इससे स्पष्ट होता है कि किसानों को कुल मिलाकर 4545 करोड़ रुपए का नुकसान होगा। यह संपूर्ण स्थिति असल में किसानों के साथ एक गंभीर धोखा और अन्याय है। इसके अलावा, भाजपा द्वारा बोनस देने का जो प्रचारित ड्रामा किया गया था, उसकी सच्चाई अब पूरी तरह से उजागर हो चुकी है।
वास्तव में, भाजपा जनता को कुछ भी नहीं देती, बल्कि जनता से पैसा वसूलती है और वसूली के बाद उस धन से कुछ हिस्सा पुनः जनता को प्रदान करती है। यह पूरी प्रक्रिया अब सभी के सामने स्पष्ट हो गई है।



