अमृत टुडे/बस्तर, छत्तीसगढ़ ।
*बस्तर में आयोजित होने जा रहे *
*“बस्तर ओलंपिक”* को लेकर युवाओं में जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है। उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने प्रेस ब्रीफ कर बताया यह आयोजन केवल खेल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि बस्तर के युवाओं की प्रतिभा, कला और संस्कृति को मंच प्रदान करने का एक बड़ा प्रयास है। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में सरकार ने इस आयोजन का निर्णय युवाओं को प्रोत्साहन देने और बस्तर की पहचान को वैश्विक स्तर पर पहुँचाने के उद्देश्य से लिया है।
20 अक्टूबर तक हुए पंजीयन में **कुल 3,91,297 प्रतिभागियों** ने हिस्सा लिया। इनमें **1,63,668 युवक** और **2,27,629 युवतियाँ** शामिल हैं। पिछले वर्ष के 1.65 लाख पंजीयन की तुलना में इस बार लगभग दोगुनी संख्या में युवाओं ने भाग लिया है।
इस बार कुल **11 खेलों** — एथलेटिक्स, बैडमिंटन, फुटबॉल, हॉकी, कबड्डी, खो-खो, आर्चरी, कराटे, रस्साकशी, वॉलीबॉल और वेटलिफ्टिंग — का आयोजन किया जाएगा। कराटे में 6,011, खो-खो में 28,470, रस्साकशी में 19,716, वॉलीबॉल में 15,227 और वेटलिफ्टिंग में 5,541 खिलाड़ियों ने पंजीयन कराया है।
प्रतियोगिता का आयोजन तीन चरणों में होगा — **विकासखंड, जिला और संभाग स्तर** पर। प्रत्येक स्तर पर विजेताओं को **नकद पुरस्कार, मेडल और प्रमाणपत्र** देकर सम्मानित किया जाएगा।
* विकासखंड स्तर पर व्यक्तिगत खेल विजेता को ₹2,000 और टीम खेल विजेता को ₹4,000,
* संभाग स्तर पर व्यक्तिगत विजेता को ₹5,000 और टीम विजेता को ₹10,000 की पुरस्कार राशि दी जाएगी।
इसके अलावा, विजेता खिलाड़ियों को राज्य की खेल अकादमियों में **सीधे प्रवेश का अवसर** भी मिलेगा, जिससे वे राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर छत्तीसगढ़ का नाम रोशन कर सकें।
सरकार ने प्रतियोगिता की निष्पक्षता के लिए **2000 निर्णायकों और विशेषज्ञों का पंजीयन** किया है, वहीं संभाग स्तर पर अंतर्राष्ट्रीय रेफरी और खेल संघों के विशेषज्ञों को भी आमंत्रित किया जाएगा।
पिछले वर्ष के बस्तर ओलंपिक से उभरकर आई कई प्रतिभाएँ अब राष्ट्रीय मंचों पर प्रदर्शन कर रही हैं — जैसे *सुशीला नेताम* ने तीरंदाजी में राष्ट्रीय खेलों में **कांस्य पदक** जीता, जबकि *योग्यता मरखाम* और *रंजू सूरी थाई* ने *खेलो इंडिया यूथ गेम्स* और *अखिल भारतीय यूनिवर्सिटी प्रतियोगिता* में भाग लिया।
वर्तमान में पिछले सत्र के **9 खिलाड़ी बिलासपुर अकादमी** और **8 खिलाड़ी रायपुर अकादमी** में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं।
बस्तर ओलंपिक का मुख्य उद्देश्य खेल के साथ-साथ युवाओं में आत्मविश्वास, अनुशासन और नेतृत्व क्षमता को विकसित करना है, ताकि वे बस्तर के विकास और छत्तीसगढ़ की तरक्की में अपनी भूमिका निभा सकें।
