‘‘भूपेश है तो भरोसा है’ फेसबुक पेज पर वीडियोः जाति-आधारित अशांति का प्रयास”
“रायपुर में शांति संकट?: पूर्व मुख्यमंत्री के समर्थकों द्वारा जातिगत विभाजन बढ़ाने का आरोप”
रायपुर, अमृत टुडे। आज हम एक बहुत ही चिंताजनक तथा संवेदनशील विषय पर आपका ध्यान आकर्षित करना चाहते हैं। छत्तीसगढ़ प्रदेश को वर्षों से ‘शांति का टापू’ कहा जाता रहा है। लेकिन, हमें अभी हाल में एक ऐसा प्रयास सामने आया है जिससे हमारी सामाजिक समरसता और शांतिपूर्ण परिवेश को गंभीर चुनौती मिल सकती है।


हमारी जानकारी के अनुसार, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा राजनीतिक गुटबाजी के तहत, तब तक शांत-प्रवर्तित इस प्रदेश में जाति-आधारित विभाजन बढ़ाने तथा अशांति फैलाने की कोशिश की जा रही है। विशेष रूप से, फेसबुक पेज “भूपेश है तो भरोसा है” पर एक वीडियो पोस्ट किया गया है (लिंक संलग्न) जिसमें सीधे तौर पर तेली समाज को गाली दी गई है और साथ ही पहले आदिवासी मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को अपमानित करने की साज़िश नजर आती है।
यह प्रयास न केवल सामाजिक-संवेदनशील है, बल्कि राज्योत्सव एवं रजत महोत्सव जैसे महत्वपूर्ण अवसरों पर हमारी जनता के बीच अशांति का बीज बो सकता है। इसके साथ ही, इस माह हमारे देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी प्रदेश में दो बार आने वाले हैं, यह स्थिति और भी ज्यादा संवेदनशील कर देती है।
हम विशेष रूप से इस बात पर विचार करते हैं कि सत्ता-पराजय के बाद इस प्रकार की गुटबाज़ी किस उद्देश्य से की जा रही है — क्या इसका उद्देश्य सिर्फ राजनीतिक पुनर्संगठन है या फिर हमारे समाज के भीतर विभाजन-भूमि तैयार करना है।
इसलिए आज हम आपसे अनुरोध करते हैं कि —इस वीडियो एवं सोशल-मीडिया पोस्ट का तुरंत अवलोकन किया जाए। इस तरह की सामाजिक विभाजन को बढ़ावा देने वाले तत्वों के विरुद्ध उचित एवं कड़े कानूनी कार्रवाई की जाए।
हमें यह सुनिश्चित करना है कि हमारी छत्तीसगढ़ की पवित्र धरोहर — शांति, भाईचारा, जात-पात से ऊपर एक-दूसरे के सम्मान पर आधारित समाज — बनी रहे।
मैं इस मौके पर मीडिया से यह भी कहना चाहूँगा कि आप इस विषय को उच्च प्राथमिकता पर लाएँ। लोगों को जागरूक करें कि इस प्रकार की नफरत-भड़काऊ पोस्ट्स सिर्फ सोशल-मीडिया सामग्री नहीं, बल्कि सामाजिक स्थिति को प्रभावित करने वाली हानिकारक स्थिति बन सकती हैं।




