*धान खरीदी | राजनीतिक विवाद | SIR प्रक्रिया | कैबिनेट निर्णय*
अमृत टुडे रायपुर छत्तीसगढ़::
राज्य में धान खरीदी अब सुचारू रूप से चल रही है। राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने कहा कि कैबिनेट ने प्रतिदिन जारी टोकनों की संख्या 2.5 लाख से बढ़ाकर 3 लाख कर दी है और शुरुआती दिनों की दिक्कतें अब सामान्य हो रही हैं। अगली कैबिनेट बैठक 10 दिसंबर को होगी।
वहीं, कांग्रेस के धरना-प्रदर्शन पर बीजेपी नेताओं ने कहा कि कांग्रेस अब सिर्फ विरोध की राजनीति में व्यस्त है, जबकि सरकार जमीन पर काम कर रही है। उन्होंने मोदी की गारंटी वाली योजनाओं को सफल और लोगों के जीवन स्तर में सुधार लाने वाला बताया।
SIR प्रक्रिया पर उठ रहे विवादों पर सरकार ने स्पष्ट किया कि यह राष्ट्रीय कार्यक्रम है, जिसमें अपात्र नाम हटाने और पात्र लोगों को जोड़ने का काम हो रहा है। बीजेपी का कहना है कि कांग्रेस अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रही है, और ऐसे विरोध प्रदर्शनों से कुछ हासिल नहीं होगा।
विवरण::आज, प्रदेश के राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने मीडिया के प्रतिनिधियों के साथ बातचीत करते हुए ये स्पष्ट किया कि राज्य में धान की खरीदी प्रक्रिया सुचारू रूप से संचालित हो रही है। इस संदर्भ में उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार ने कैबिनेट में एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है, जिसके तहत प्रति दिन जारी होने वाले टोकनों की संख्या को 2.5 लाख से बढ़ाकर 3 लाख करने का निर्णय लिया गया है। मंत्री ने यह भी उल्लेख किया कि शुरुआती दिनों में कुछ कठिनाइयाँ और दिक्कतें उत्पन्न हुई थीं, लेकिन अब धीरे-धीरे वे सामान्य होती जा रही हैं, जिससे किसानों को राहत मिली है।
इसके अतिरिक्त, उन्होंने जानकारी दी कि अगली कैबिनेट बैठक 10 दिसंबर को निर्धारित की गई है, जिसमें विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। कांग्रेस द्वारा किए जा रहे धरना-प्रदर्शनों के बारे में बीजेपी के नेताओं का कहना है कि कांग्रेस अब केवल विरोध की राजनीति में व्यस्त है, जबकि वर्तमान सरकार जमीन स्तर पर ठोस कार्य कर रही है। नेताओं ने यह भी जोर दिया कि प्रधानमंत्री मोदी द्वारा संचालित योजनाएँ तेजी से कार्यान्वित हो रही हैं और इसके सकारात्मक परिणाम स्वरूप लोगों के जीवन स्तर में बुनियादी सुधार स्पष्ट रूप से देखे जा रहे हैं।
इसके अलावा, SIR प्रक्रिया पर उठ रहे विवादों के संबंध में सरकार का कहना है कि यह एक राष्ट्रीय कार्यक्रम है, जिसमें अपात्र व्यक्तियों के नाम हटाने और पात्र लोगों को इस प्रक्रिया में शामिल करने का कार्य किया जा रहा है, जो कि देश और समाज के समुचित विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है। बीजेपी ने यह भी जोर देकर कहा कि कांग्रेस अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रही है और इस प्रकार के विरोध प्रदर्शनों से उन्हें कुछ ठोस हासिल नहीं होगा।




