आदिवासियों के उत्थान के लिए प्रतिबद्ध है हमारी सरकार – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
कसडोल में कंवर समाज सामाजिक भवन और पलारी में सामुदायिक भवन निर्माण के लिए 50‑50 लाख रुपए की घोषणा
विष्णु देव साय ने गोंडवाना आदर्श सामूहिक विवाह कार्यक्रम में की भागीदारी

Amrit today/रायपुर, 22 मार्च 2026 – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज बलौदाबाजार भाटापारा जिले के ग्राम ओड़ान में बावनगढ़ आदिवासी ध्रुव गोंड़ समाज तुरतुरिया माता महासभा लवन के तत्वावधान में आयोजित गोंडवाना आदर्श सामूहिक विवाह समारोह में शामिल हुए। इस मौके पर साय ने पारम्परिक गोंडी रीति‑रिवाज से दाम्पत्य सूत्र में बंधे 28 नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद देते हुए सुखमय दाम्पत्य जीवन की बधाई और शुभकामनाएं दीं।

समाज के पदाधिकारियों की मांग पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कसडोल नगर में कंवर समाज सामाजिक भवन व नगर पंचायत पलारी में सामुदायिक भवन निर्माण के लिए 50‑50 लाख रुपए और ग्राम ओड़ान में बड़ादेव ठाना में सामुदायिक भवन निर्माण के लिए 25 लाख रुपए की घोषणा की। साथ ही ग्राम ओड़ान के शनिमंदिर से बड़ादेव ठाना तक सीसी रोड निर्माण के लिए स्वीकृति प्रदान की।

विष्णु देव साय ने कहा कि सरकार आदिवासी समाज के उत्थान के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। गोंडवाना संस्कृति और प्रकृति‑पुजारी गोंड आदिवासियों ने जल, जंगल और जमीन की सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जनजातीय समुदाय को आगे बढ़ाने के लिए धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान और प्रधानमंत्री जनमन योजना जैसी महत्वपूर्ण पहल चलाई जा रही हैं। जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के लिए इस साल 200 करोड़ रुपए का बजट प्रावधान किया गया है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि आदिवासी कला और संस्कृति को आगे बढ़ाने के लिए सरकार लगातार काम कर रही है। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री सम्मान निधि की शुरुआत की गई है, जिसके तहत बैगा, गुनिया और सिरहा जैसे कलाकारों को हर साल 5000 रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है।
विष्णु देव साय ने जताया कि आदिवासियों की आय का बड़ा स्रोत वनोपज और तेंदूपत्ता संग्रहण है। तेंदूपत्ता संग्रहण का दाम 4000 रुपए से बढ़ाकर 5500 रुपए प्रति मानक बोरा किया गया है। जंगल में संग्रह के लिए जाने वाले आदिवासी भाई‑बहनों के पैरों में कांटे न चुभे, इसे ध्यान में रखते हुए सरकार ने चरण पादुका वितरण की व्यवस्था दोबारा शुरू की है। इस साल तेंदूपत्ता संग्राहकों को चरण पादुका वितरित करने के लिए बजट में 60 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।
साय ने सामूहिक विवाह को समाज के लिए एक अच्छी और सुनियोजित पहल बताया, जिससे समाज संगठित होता है और शादियों में होने वाली फिज़ू लखर्ची पर रोक लगती है। उन्होंने याद दिलाया कि 10 मार्च को मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत प्रदेशभर में 6000 से अधिक जोड़ों का सामूहिक विवाह संपन्न हुआ, जिसे गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज किया गया है।
इस अवसर पर जांजगीर‑चांपा की सांसद कमलेश जांगड़े, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल, विधायक संदीप साहु सहित अन्य गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित थे।




