अमृत टुडे, रायपुर छत्तीसगढ़ 07 अप्रैल 2026। पीसीसी अध्यक्ष दीपक बैज ने रायपुर प्रेस चर्चा में कहा कि थानों में FIR न लिखकर सरकार अपराध आंकड़े कम दिखा रही, जिससे न्याय पीड़ितों से छिन गया और अपराधी बुलंद। PSC मुख्य परीक्षा के लिए मात्र 51 दिन का गैप (पिछले साल 104 दिन) देकर युवाओं के हित में लापरवाही बरत रही। RTE में फीस विवाद से गरीब बच्चों का एडमिशन अटका, दुर्ग समोदा अफीम कांड में अधिकारी की जल्दबाजी बहाली से बीजेपी का संरक्षण सिद्ध। राज्यपाल से लंबित आरक्षण संशोधन विधेयक पर हस्ताक्षर की मांग।
विवरण: प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि बिगड़ी कानून व्यवस्था छुपाने थानों में FIR नहीं लिखी जा रही, जिससे पीड़ितों को न्याय नहीं मिल रहा और अपराधी बुलंद हो रहे। चोरी, जालसाजी, मारपीट, साइबर ठगी जैसे मामलों में पुलिस टालमटोल कर रही, कागजों पर अपराध कम दिखाने की साजिश है। सीजीपीएससी मुख्य परीक्षा के लिए प्रारंभिक परिणाम (25 मार्च 2026) से मात्र 51 दिन (16-19 मई) का अंतराल दिया, जबकि पिछले साल 104 दिन था; सरकार UPSC तर्ज का दावा करने वाली गंभीर नहीं। RTE में फीस भुगतान न होने से गरीब बच्चों का प्राइवेट स्कूल एडमिशन अटका, सरकार गतिरोध दूर करे। दुर्ग समोदा में अफीम खेती को मक्का बताने वाली कृषि अधिकारी की जांच रिपोर्ट बिना बहाली साबित करती है बीजेपी सरकार का अवैध नशे को संरक्षण, BJP नेता विनायक ताम्रकार पर कार्रवाई न हुई। धर्म स्वातंत्र्य विधेयक पर हस्ताक्षर सराहा लेकिन दुरुपयोग न हो, राज्यपाल से 3+ साल लंबित छत्तीसगढ़ आरक्षण संशोधन विधेयक (अनुसूचित जाति/जनजाति/पिछड़ा वर्ग के हित में) पर हस्ताक्षर की मांग।




