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“मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने भाजपा कार्यकर्ताओं को खिलाई भजिया-पताल चटनी, टिफिन मीटिंग में दिखी आत्मीयता”…..

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अमृत टुडे, रायपुर, 26 अप्रैल 2026। ‘मन की बात’ कार्यक्रम के बाद छत्तीसगढ़ भाजपा की टिफिन मीटिंग में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कार्यकर्ताओं को भजिया और पताल की चटनी खिलाई। संगठन की एकजुटता दिखी।

विवरण: ‘मन की बात’ कार्यक्रम के बाद छत्तीसगढ़ भाजपा द्वारा आयोजित टिफिन मीटिंग में सीएम विष्णुदेव साय पहुंचे। उन्होंने अपने टिफिन से भजिया-पताल चटनी परोसी और सभी के साथ भोजन किया।

आयोजन में संगठन की आत्मीयता स्पष्ट रूप से देखने को मिली। कार्यक्रम में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं ने अपने-अपने घरों से टिफिन लाकर एक-दूसरे के साथ भोजन साझा किया। केबिनेट मंत्री केदार कश्यप फरा, विधायक पुरंदर मिश्रा धुसका-बड़ा, अखिलेश सोनी ठेठरी, अशोक बजाज चौसेला और मोना सेन खुरमी जैसे पारंपरिक छत्तीसगढ़ी व्यंजन लेकर टिफिन मीटिंग में पहुंचे। महिला मोर्चा की कार्यकर्ताओं ने भी विविध स्थानीय व्यंजनों से आयोजन को और समृद्ध बनाया। इस अवसर पर कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे को अपने हाथों से भोजन कराकर आपसी स्नेह और एकता का परिचय दिया।

मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर कहा कि परिवार के सदस्यों की तरह एक साथ बैठकर भोजन करने से आत्मीयता बढ़ती है और आपसी संवाद मजबूत होता है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की टिफिन बैठकों के माध्यम से कार्यकर्ताओं के बीच भाईचारा और समर्पण की भावना सुदृढ़ होती है तथा मतभेद स्वतः समाप्त हो जाते हैं। उन्होंने ऐसे आयोजनों को समय-समय पर निरंतर आयोजित किए जाने की आवश्यकता पर बल दिया। भाजपा में नेता और कार्यकर्ता के बीच कोई भेद नहीं है, बल्कि सभी एक समान भाव से संगठन के उद्देश्य के लिए कार्यरत हैं।

उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दशकों पूर्व ‘टिफिन बैठक’ की परंपरा प्रारंभ की थी, जिसका उद्देश्य संगठन में आत्मीयता और सहभागिता की भावना को प्रोत्साहित करना था। यह परंपरा आज भी भाजपा के संगठनात्मक जीवन में महत्वपूर्ण स्थान रखती है।

छत्तीसगढ़ में इस पहल की शुरुआत बूथ स्तर से की जा रही है, जिससे संगठन की जड़ों को और अधिक मजबूत बनाने का लक्ष्य रखा गया है।

आयोजन में संगठन की आत्मीयता स्पष्ट रूप से देखने को मिली। कार्यक्रम में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं ने अपने-अपने घरों से टिफिन लाकर एक-दूसरे के साथ भोजन साझा किया। केबिनेट मंत्री केदार कश्यप फरा, विधायक पुरंदर मिश्रा धुसका-बड़ा, अखिलेश सोनी ठेठरी, अशोक बजाज चौसेला और मोना सेन खुरमी जैसे पारंपरिक छत्तीसगढ़ी व्यंजन लेकर टिफिन मीटिंग में पहुंचे। महिला मोर्चा की कार्यकर्ताओं ने भी विविध स्थानीय व्यंजनों से आयोजन को और समृद्ध बनाया। इस अवसर पर कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे को अपने हाथों से भोजन कराकर आपसी स्नेह और एकता का परिचय दिया।

मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर कहा कि परिवार के सदस्यों की तरह एक साथ बैठकर भोजन करने से आत्मीयता बढ़ती है और आपसी संवाद मजबूत होता है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की टिफिन बैठकों के माध्यम से कार्यकर्ताओं के बीच भाईचारा और समर्पण की भावना सुदृढ़ होती है तथा मतभेद स्वतः समाप्त हो जाते हैं। उन्होंने ऐसे आयोजनों को समय-समय पर निरंतर आयोजित किए जाने की आवश्यकता पर बल दिया। भाजपा में नेता और कार्यकर्ता के बीच कोई भेद नहीं है, बल्कि सभी एक समान भाव से संगठन के उद्देश्य के लिए कार्यरत हैं।

उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दशकों पूर्व ‘टिफिन बैठक’ की परंपरा प्रारंभ की थी, जिसका उद्देश्य संगठन में आत्मीयता और सहभागिता की भावना को प्रोत्साहित करना था। यह परंपरा आज भी भाजपा के संगठनात्मक जीवन में महत्वपूर्ण स्थान रखती है।

छत्तीसगढ़ में इस पहल की शुरुआत बूथ स्तर से की जा रही है, जिससे संगठन की जड़ों को और अधिक मजबूत बनाने का लक्ष्य रखा गया है।

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