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अमृत टुडे, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही छत्तीसगढ़

14 मई 2026 । मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेशभर में आयोजित हो रहा सुशासन तिहार आम नागरिकों के जीवन में खुशहाली का नया सवेरा लेकर आ रहा है। शासन की जनकल्याणकारी योजनाएं अब कागजों से निकलकर सीधे जरूरतमंदों के दरवाजे तक पहुँच रही हैं। ऐसी ही एक सुखद तस्वीर गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के ग्राम दमदम से सामने आई है, जहाँ भारती नामक महिला के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना और महतारी वंदन योजना वरदान साबित हुई हैं।

कच्चे मकान की दुश्वारियों का हुआ अंत
भारती और उनका परिवार वर्षों से एक जर्जर कच्चे मकान में रहने को मजबूर था। हर मानसून उनके लिए आफत बनकर आता था, छत से टपकता पानी और आंधी-तूफान के डर के बीच पूरा परिवार रातें जागकर काटता था। आर्थिक तंगी के कारण पक्का घर बनाना भारती के लिए एक अधूरा सपना था, जिसे प्रदेश सरकार की संवेदनशीलता ने हकीकत में बदल दिया है।
समाधान शिविर में मिली खुशियों की चाबी
सुशासन तिहार के उपलक्ष्य में 6 मई को देवरीकला में आयोजित समाधान शिविर भारती के जीवन का टर्निंग पॉइंट बना। यहाँ उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत नवनिर्मित पक्के मकान की चाबी और प्रमाण पत्र प्रदान किया गया। चाबी हाथ में लेते ही भारती की आँखों में खुशी के आंसू छलक आए। उन्होंने भावुक होते हुए कहा, अब मेरा परिवार सुरक्षित है। मुख्यमंत्री की बदौलत हमें सिर छुपाने के लिए पक्की छत और समाज में सम्मानजनक जीवन मिला है।

महतारी वंदन योजना से आर्थिक संबल
सिर्फ छत ही नहीं, बल्कि भारती को महतारी वंदन योजना की 27वीं किश्त भी प्राप्त हुई है। इस निरंतर मिल रही आर्थिक सहायता ने उन्हें आत्मनिर्भर बनाया है। भारती बताती हैं कि इन पैसों से वे घर की छोटी-मोटी जरूरतों को आसानी से पूरा कर पा रही हैं, जिससे उनका आत्मविश्वास बढ़ा है।
सुशासन का बढ़ता प्रभाव
जिला प्रशासन की टीमें सुशासन तिहार के माध्यम से सुदूर अंचलों तक पहुँचकर स्थल पर ही समस्याओं का निपटारा कर रही हैं। भारती की यह कहानी इस बात का प्रमाण है कि यदि शासन की नीयत साफ और क्रियान्वयन प्रभावी हो, तो अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति के जीवन में भी वास्तविक और सकारात्मक परिवर्तन लाया जा सकता है।

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