अमृत टुडे, धमतरी छत्तीसगढ़
28 मई 2026 । धमतरी पुलिस की सख्त और वैज्ञानिक विवेचना के परिणामस्वरूप तीन अलग-अलग पॉक्सो मामलों में तीन आरोपियों को माननीय न्यायालय ने 20-20 वर्षों का सश्रम कारावास और अर्थदंड सुनाया; एसपी ने विवेचना अधिकारियों को नगद पुरस्कार देने का निर्णय लिया तथा ‘शून्य सहनशीलता’ नीति पर जोर दिया।
विवरण :: धमतरी जिले में महिला व बाल संरक्षण से जुड़े मामलों में पुलिस की सक्रियता और कठोर विवेचना का स्पष्ट परिणाम मिला है। वर्ष 2026 में तीन अलग-अलग पॉक्सो प्रकरणों में न्यायालय ने तीन आरोपियों को 20-20 वर्ष के सश्रम कारावास एवं प्रत्येक पर रु. 3,000 अर्थदंड की सजा सुनाई। उक्त निर्णयोँ के पीछे थाना अर्जुनी, भखारा व सिहावा के विवेचना अधिकारी चारित्रिक, वैज्ञानिक साक्ष्य संकलन और सशक्त गवाही प्रस्तुत करने में सक्षम रहे।
थाना अर्जुनी के अपराध क्रमांक 113/2025 में तोरण लाल जोशी को धारा 6 पॉक्सो सहित संबंधित धाराओं के अंतर्गत दोषी ठहराया गया। थाना भखारा के मामले (अपराध क्रमांक 87/2025) में सागर उर्फ करण साहू तथा थाना सिहावा के प्रकरण (अपराध क्रमांक 46/2025) में नरेंद्र कुमार मंडावी को दोषी पाते हुए कठोर सजा दी गई। इन मामलों की प्रभावी विवेचना निरीक्षक प्रमोद अमलतास, उप निरीक्षक कपिश्वर पुष्पकार एवं सहायक उपनिरीक्षक दुलाल नाथ ने संभाली।
पुलिस अधीक्षक सूरज सिंह परिहार ने कहा कि जिले में महिला व बाल अपराधों के प्रति ‘शून्य सहनशीलता’ नीति लागू है और सभी विवेचना अधिकारियों को वैज्ञानिक, त्वरित तथा गुणवत्ता युक्त विवेचना करने के स्पष्ट निर्देश दिये गये हैं। उत्कृष्ट कार्य के लिये तीनों विवेचना अधिकारियों को नगद पुरस्कार प्रदान किये जाने की घोषणा की गई है। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2026 में इससे पूर्व भी धमतरी पुलिस ने छह अन्य पॉक्सो मामलों में सख्त निर्णय दिलवाये हैं, जिससे अपराधियों पर कड़ा संदेश गया है और पीड़ितों को न्याय मिलने में मदद मिली है।




