अमृत टुडे, रायपुर छत्तीसगढ़
13 जून 2026 । अग्रसेन महाविद्यालय और वीतराग रिसर्च फाउंडेशन ने दो दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस का शुभारंभ किया; हाइब्रिड मोड पर देश-विदेश के शोधार्थियों ने तीन तकनीकी सत्रों में ग्लोबल पर्सपेक्टिव ऑन इमरजिंग रिसर्च पॉलिसी पर शोध पत्र पढ़े; कुलपति डॉ. अरूणा पलटा ने शोध की वैश्विक महत्ता व हाइब्रिड मंच के लाभ बताए और दूसरे दिन सक्रिय भागीदारी की अपील की।

विवरण :: पुरानी बस्ती स्थित अग्रसेन महाविद्यालय में शिक्षा व अनुसंधान के क्षेत्र में ऐतिहासिक पहल करते हुए महाविद्यालय और वीतराग रिसर्च फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में दो दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस का शुभारंभ हुआ। पहले दिन देश व दुनिया के शिक्षाविदों, प्रोफेसरों व शोधार्थियों ने हाइब्रिड (ऑनलाइन और ऑफलाइन) मोड में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। मुख्य अतिथि हेमचंद यादव विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. अरूणा पलटा ने शोध ही प्रगति का एकमात्र माध्यम व हाइब्रिड मोड के ऋण भौगोलिक सीमा समाप्त करने की बात कही और समाजोपयोगी व व्यावहारिक रिसर्च पर ध्यान देने का आग्रह किया।

महाविद्यालय के निदेशक डॉ. व्ही. के. अग्रवाल नवाचार व ज्ञान आदान-प्रदान का उद्देश्य बताए और वीतराग फाउंडेशन की चेयरपर्सन डॉ. दिव्या शर्मा गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान व नीति विकास पर प्रकाश डाला। प्राचार्य डॉ. यूलेंद्र राजपूत ने शोधकर्ताओं के उत्साह व हाइब्रिड मोड के कारण सुदूर क्षेत्रों के प्रतिभागी जुड़े होने की बात कही; तीन तकनीकी सत्रों में گ्लोबल पर्सपेक्टिव ऑन इमरजिंग रिसर्च पॉलिसी पर शोध पत्र पढ़े। अग्रसेन महाविद्यालय के प्रशासनिक अधिकारी डॉ. अमित अग्रवाल, कोषाध्यक्ष अजय दानी व अन्य महाविद्यालयों के प्राचार्य व प्राध्यापक उपस्थित रहे। संचालन सहायक प्राध्यापक रिदवाना हसन ने किया और कॉन्फ्रेंस के दूसरे दिन सक्रिय भागीदारी की अपील की।




