अमृत टुडे, रायपुर छत्तीसगढ़
15 जून 2026। मुख्यमंत्री ने कहा: “प्रशासनिक निर्णय जनजीवन प्रभावित करते हैं, इसलिए संवेदनशीलता, निष्पक्षता और समर्पण से कार्य करें”
विवरण :: आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में छत्तीसगढ़ प्रशासन अकादमी, निमोरा में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे भारतीय प्रशासनिक सेवा के तीन प्रशिक्षु अधिकारियों ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से सौजन्य मुलाकात कर मार्गदर्शन प्राप्त किया। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को उनकी सफलता के लिए बधाई और शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि प्रशासनिक सेवा जनसेवा का सबसे प्रभावी माध्यम है और अधिकारियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। प्रत्येक निर्णय हजारों लोगों के जीवन को प्रभावित करता है, इसलिए हर निर्णय में जनहित सर्वोपरि होना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों से संवेदनशीलता, निष्पक्षता और समर्पण के साथ दायित्व निभाने तथा लोगों के बीच जाकर उनकी समस्याएँ समझने को कहा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा और प्रशिक्षण का वास्तविक महत्व तब है जब उसका उपयोग समाज और आमजन के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए किया जाए। बताया कि छत्तीसगढ़ संभावनाओं से परिपूर्ण प्रदेश है; यहाँ के लोग सरल, सहज, मेहनती और आत्मीय स्वभाव के हैं। अधिकारियों को प्रदेश की सामाजिक एवं आर्थिक परिस्थितियों, तेजी से विकसित हो रही कनेक्टिविटी, पर्यटन संभावनाओं, नक्सल उन्मूलन की सफलता तथा राज्य के विकास की यात्रा से अवगत कराया गया। छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विविधता और जनजातीय परंपराओं तथा विकास के नए अवसरों पर भी अनुभव साझा किए गए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ईमानदारी, निष्ठा और जनहित की भावना से लिया गया प्रत्येक निर्णय प्रदेश और समाज के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
प्रशिक्षु अधिकारियों ने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान उन्हें बस्तर संभाग के सुकमा और बीजापुर जिलों तथा सरगुजा संभाग के जशपुर, सरगुजा और कोरिया जिलों का भ्रमण करने का अवसर मिला। इस दौरान उन्होंने स्थानीय जनजीवन, संस्कृति, विकास गतिविधियों और प्रशासनिक व्यवस्थाओं का अध्ययन किया तथा मां दंतेश्वरी के दर्शन किए। अधिकारियों ने कहा कि छत्तीसगढ़ विविधताओं, सांस्कृतिक समृद्धि और आत्मीयता से भरपूर प्रदेश है और यहां के लोगों के स्नेह तथा जनजातीय परंपराओं ने उन्हें गहराई से प्रभावित किया है। प्रशासनिक सेवा के माध्यम से जनहित में कार्य करना उनके लिए गौरव और जिम्मेदारी दोनों है।
मुलाकात के दौरान प्रशिक्षु अधिकारियों ने प्रशासनिक सेवा की तैयारी से जुड़े अनुभव, चुनौतियाँ और प्रेरणादायक प्रसंग साझा किए। मुख्यमंत्री ने अपने सार्वजनिक जीवन और जनसेवा के अनुभवों का उल्लेख करते हुए उन्हें निरंतर सीखते रहने, जमीनी स्तर से जुड़े रहने तथा मानवीय दृष्टिकोण अपनाकर कार्य करने की प्रेरणा दी।
प्रशिक्षु अधिकारी गोकुल आर. के., वी. यशवंत नायक एवं ईशांत जायसवाल वर्तमान में छत्तीसगढ़ प्रशासन अकादमी, निमोरा में प्रशिक्षण ग्रहण कर रहे हैं और तीनों को छत्तीसगढ़ कैडर आवंटित हुआ है। जिला प्रशिक्षण पर रवाना होने से पूर्व उन्होंने मुख्यमंत्री से भेंट कर मार्गदर्शन प्राप्त किया।
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ प्रशासन अकादमी के महानिदेशक एवं अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू, संचालक टी.सी. महावर तथा संयुक्त संचालक प्रणव सिंह उपस्थित थे।
