अमृत टुडे, रायपुर छत्तीसगढ़
17 जून 2026। राजनीतिक बयान में कहा गया कि भाजपा को पहले अपनी पार्टी सुधारनी चाहिए; स्कूलों में आरएसएस की भागीदारी और मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर हजारों शिकायतों के आने से शासन पर पारदर्शिता और जवाबदेही के प्रश्न खड़े हुए; स्थानीय डॉक्टरों की उपेक्षा रोकने व स्वास्थ्य व्यवस्था सुधार की तत्काल माँग उठी है।
विवरण :: राजनीतिक टिप्पणी में कांग्रेस पर व्यंग्य करते हुए कहा गया कि भाजपा पहले अपनी पार्टी को संभाले; कांग्रेस की चिंता करने की आवश्यकता नहीं है क्योंकि पार्टी कार्यकर्ता एवं नेता स्वयं इसे संभाल रहे हैं। शिक्षा क्षेत्र में यह आरोप लगाया गया कि आरएसएस से जुड़े लोग स्कूलों की सलाहकार समितियों में आकर राजनीतिक प्रभाव बढ़ा रहे हैं, जबकि वे स्वयं राजनीतिक संगठन नहीं होने का दावा करते हैं।
सुशासन सम्बन्धी पूछताछ में मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर पांच-छह दिनों में दर्ज 15,000 से अधिक शिकायतों पर चिंता जताई गई और विभागवार पारदर्शिता व शिकायत निवारण की स्थिति स्पष्ट करने की माँग की गई। स्वास्थ्य सेवा पर तीखे शब्दों में कहा गया कि स्थानीय डॉक्टरों की उपेक्षा भयावह है; अगर बाहरी डॉक्टरों को प्राथमिकता दी जाती रही तो राज्य के डॉक्टरों का भविष्य संकट में पड़ेगा। साथ ही स्वास्थ्य विभाग पर कमीशनखोरी और शासन-अनदेखी के गंभीर आरोप लगते हुए स्थानीय चिकित्सकों को प्राथमिकता व बाहरी डॉक्टरों पर नियंत्रण की सख्त माँग की गई।




