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अमृत टुडे, रायपुर छत्तीसगढ़

27 जून 2026। प्रदेश कांग्रेस के संचार प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि छत्तीसगढ़ में यूसीसी लागू करने का प्रस्ताव आदिवासी अधिकारों और पेसा, पांचवीं अनुसूची की प्रावधानों के संदर्भ में गम्भीर प्रश्न पैदा करता है; सरकार को सुनिश्चित करना चाहिए कि किसी भी स्थिति में आदिवासियों के संवैधानिक हितों को कोई आघात न पहुँचे।

विवरण :: प्रदेश कांग्रेस कमेटी के संचार प्रमुख सुषील आनंद शुक्ला ने कहा कि यूनिफार्म सिविल कोड (यूसीसी) यदि छत्तीसगढ़ में लागू किया गया तो यह राज्य के आदिवासी समुदायों के साथ अन्याय होगा। उन्होंने रेखांकित किया कि छत्तीसगढ़ में पंचायती व्यवस्था के कई हिस्से पांचवीं अनुसूची के अंतर्गत आते हैं तथा पेसा कानून लागू है, जिनके माध्यम से आदिवासियों को सांस्कृतिक, धार्मिक व भूमि-संसाधन संबंधी विशेष अधिकार संवैधानिक रूप में प्रदान किए गए हैं। साथ ही राज्य में कई संरक्षित जनजातियाँ हैं जिन्हें विशेष सुरक्षा दी गयी है।

शुक्ला ने कहा कि यूसीसी के लागू होने पर इन प्रावधानों का क्या होगा, यह स्पष्ट होना चाहिए; यदि किन्हीं परिस्थितियों में आदिवासी अधिकार प्रभावित होते हैं तो वह अस्वीकार्य है। उन्होंने सरकार से अपील की कि प्रस्तावित किसी भी बदलाव से पहले व्यापक परामर्श, संवैधानिक सुरक्षा तथा आदिवासी हितों की अनिवार्य गारंटी सुनिश्चित की जाए।

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