अमृत टुडे, रायपुर छत्तीसगढ़
28 जून 2026 । छत्तीसगढ़ सिख समाज ने नांदेड़ तख्त सचखंड गुरुद्वारा अधिनियम-2026 पर व्यापक पुनर्विचार व तत्काल स्थगन की मांग करते हुए मुख्यमंत्री से सर्वसम्मत संवाद की अपील की; समाज ने 1956 के अधिनियम को यथावत रखने और संशोधन से पहले सभी श्रद्धालु व संस्थाओं की सहमति का आग्रह किया।

विवरण:: छत्तीसगढ़ सिख समाज ने महाराष्ट्र सरकार द्वारा पारित तख्त सचखंड श्री हजूर अबचलनगर साहिब गुरुद्वारा एक्ट-2026 पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए इसका तत्काल प्रभाव से लागू न करने और व्यापक पुनर्विचार का आग्रह किया है। प्रदेश अध्यक्ष सुखबीर सिंह सिंघोत्रा ने लिखा कि नांदेड़ का तख्त सम्पूर्ण विश्व के सिखों की सर्वोच्च आस्था का केन्द्र है; इसलिए प्रबंधन से जुड़े किसी भी नए कानून के निर्माण में अकाल तख्तों के जत्थेदारों, शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रतिनिधियों, देश-विदेश के सिख संगठनों, धार्मिक विद्वानों तथा समाज के विभिन्न वर्गों के साथ विस्तृत चर्चा व सर्वसम्मत निर्णय अनिवार्य है।
पत्र में कहा गया है कि अधिनियम को लेकर समाज में व्यापक असंतोष व चिंता है; अतः जब तक सबका विश्वास व सहमति न बन जाए, तब तक 1956 के अधिनियम को यथावत रखा जाए और नए नियम लागू न किए जाएँ। समाज ने धार्मिक स्वतंत्रता, परंपराओं व संवैधानिक अधिकारों के पूर्ण सम्मान की भी माँग की है।




