Amrit Today, Raipur Chhattisgarh
केंद्र सरकार के द्वारा स्मार्ट मीटर को अनिवार्य किये जाने के कांग्रेस ने विरोध किया है। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि स्मार्ट मीटर जनता के साथ लूट है। भाजपा की डबल इंजन की सरकार जनता पर बिजली बिल का भार डालने के लिए तथा निजी उद्योगपतियों को फायदा पहुंचाने स्मार्ट मीटर लगा रही है। कांग्रेस जनता के साथ किये जा रहे इस सरकार लूट का विरोध करती है। जांच रिपोर्ट में भी यह प्रमाणित हो गया है कि स्मार्ट मीटर खपत तीन से चार गुना ज्यादा बताता है।
प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा है कि स्मार्ट मीटर अनिवार्य कर भाजपा सरकार जनता से वादाखिलाफी कर रही है संसद में मोदी सरकार ने स्पष्टीकरण दिया है कि स्मार्ट मीटर लगाना या नहीं लगाना यह तय करना उपभोक्ता अधिकार है। विद्युत अधिनियम 2003 और सेंट्रल इलेक्ट्रिसिटी अथॉरिटी (CEA) के नियमों के तहत उपभोक्ता की सहमति और विकल्प को प्राथमिकता दी गई है। केंद्र सरकार ने ‘रिवैम्प्ड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम’ (RDSS) के तहत राज्यों को स्मार्ट मीटर लगाने के लिए वित्तीय सहायता और दिशा निर्देश दिए हैं, लेकिन कानूनन सीधे तौर पर सरकार उपभोक्ताओं पर कोई बाध्यता नहीं थोप सकती। उपभोक्ताओं की आम शिकायत है कि पुराने डिजिटल या एनालॉग मीटरों के मुकाबले स्मार्ट मीटर लगने के बाद उपभोक्ताओं के बिजली बिलों में अप्रत्याशित बढ़ोतरी हो रही है। ऐसे में जबरिया फैसला थोपना अन्याय है, अत्याचार है।
प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि स्मार्ट मीटर वापस लेने तथ बढ़े बिजली के बिल के खिलाफ जनता से फार्म भरवा रही है। फार्म भरवाने के बाद जिलों के बिजली दफ्तरों का घेराव किया जायेगा तथा आवेदन जमा किया जायेगा। उसके बाद वहां से पावती लेकर मुख्यमंत्री निवास का घेराव किया जायेगा। कांग्रेस जनता के इस लूट के खिलाफ लड़ाई को अंजाम तक पहुंचायेगी।




