Amrit Today, Ahmadabad Gujrat
अहमदाबाद के कोचरब आश्रम में गांधी ने सत्य, अहिंसा और सामाजिक समानता के प्रयोग किए। दलित परिवार के आश्रम में प्रवेश से छुआछूत का विरोध हुआ। आर्थिक संकट के बावजूद गांधी अडिग रहे। यही प्रयोग आगे चलकर स्वतंत्रता आंदोलन की शक्ति बने।

विवरण: कोचरब आश्रम गांधी के भारतीय जीवन का पहला प्रयोगशाला था। यहाँ सत्य, अहिंसा, स्वदेशी और शारीरिक श्रम जैसे व्रतों को जीवन में उतारा गया। दूदाभाई दाफडा के परिवार के आगमन ने छुआछूत के खिलाफ गांधी के संकल्प को परखा।

विरोध और आर्थिक दबाव के बावजूद गांधी ने समानता का सिद्धांत नहीं छोड़ा। प्लेग के बाद आश्रम साबरमती चला गया, पर कोचरब की विरासत बनी रही। आज के आंदोलनों में गांधी की अहिंसा, सत्यनिष्ठा और अनुशासन की प्रासंगिकता बनी हुई है। सोशल मीडिया के दौर में भी असहमति को इंसानियत के दायरे में रखना जरूरी है।




