अमृत टुडे, रायपुर छत्तीसगढ़
करवा चौथ के पावन पर्व पर रायपुर के शंकर नगर की सुहागिनों ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ करवा माता की पूजा की। महिलाओं ने कथा श्रवण कर निर्जला व्रत रखा और पति की दीर्घायु, उत्तम स्वास्थ्य तथा परिवार की खुशहाली की मंगलकामना की। चंद्रमा के दर्शन के बाद व्रत की परंपरागत विधि से समाप्ति हुई।

विवरण: करवा चौथ के पावन पर्व पर राजधानी रायपुर के शंकर नगर क्षेत्र की सुहागिन महिलाओं ने धार्मिक श्रद्धा और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ पूजा-अर्चना की। महिलाओं ने सुबह स्नान कर व्रत का संकल्प लिया और दिनभर निर्जला व्रत रखा। शाम को सभी महिलाएं एक साथ एकत्रित होकर करवा माता की पूजा की, करवा चौथ की कथा सुनी और पति की लंबी आयु, उत्तम स्वास्थ्य, सुख-समृद्धि तथा परिवार की खुशहाली की मंगलकामना की। पूजा के उपरांत महिलाओं ने एक-दूसरे को करवा चौथ व्रत की बधाई और शुभकामनाएं दीं।

छत्तीसगढ़ सिक्ख समाज के प्रदेश अध्यक्ष सुखबीर सिंह सिंघोत्रा ने कहा कि करवा चौथ भारतीय संस्कृति और पारिवारिक परंपराओं से जुड़ा महत्वपूर्ण पर्व है। यह पर्व पति-पत्नी के बीच प्रेम, विश्वास, निष्ठा, त्याग और समर्पण की भावना को दर्शाता है। उन्होंने बताया कि पूजा की थालियों का आपस में आदान-प्रदान ‘करवरा वटाना’ कहलाता है, जो आपसी स्नेह, सौहार्द और पारिवारिक एकता का प्रतीक है।
चंद्रमा के दर्शन के बाद महिलाओं ने छलनी से चांद और पति के दर्शन किए, चंद्रमा को अर्घ्य दिया और पति के हाथों जल ग्रहण कर व्रत पूर्ण किया। इस अवसर पर सभी सुहागिन महिलाओं को सुखी दांपत्य जीवन, उत्तम स्वास्थ्य और परिवार की खुशहाली की हार्दिक शुभकामनाएं दी गईं।



