रायपुर, 21 फरवरी 2025
अमृत टुडे । बाल शोषण की घटनाएँ लगातार बढ़ रही हैं, जिसका मुख्य कारण बच्चों में जागरूकता की कमी है। हाल के वर्षों में 12 वर्ष तक के बच्चों में लैंगिक शोषण के मामले चिंताजनक रूप से बढ़े हैं, जिनमें कई घटनाएँ दर्ज ही नहीं होतीं। इससे बच्चों के भावनात्मक और शारीरिक स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।


इसी को ध्यान में रखते हुए शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला सिरसा खुर्द, दुर्ग में ‘परिचय स्पर्श’ 360-डिग्री सत्र का आयोजन किया गया। इस अवसर पर प्रधान पठिका संध्या सेंगर, शिक्षक, चैतन्य संस्था की जिला समन्वयक योगिता झिलपे एवं ट्रेनिंग एसोसिएट सृष्टि मिश्रा उपस्थित रहीं।


कार्यक्रम में छटवी से आठवीं कक्षा तक के बच्चों को अच्छे और बुरे स्पर्श की पहचान कराई गई, ताकि वे यौन शोषण से बचाव कर सकें और गलत व्यवहार की जानकारी निडर होकर साझा करें। इस जागरूकता अभियान में दीवार लेखन का भी सहारा लिया गया।


