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कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए कई मुद्दों को लेकर अपनी प्रतिक्रिया जाहिर की…..

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रायपुर 26 जून  2025

अमृत टुडे ।  कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक ने हाल ही में पत्रकारों के साथ एक महत्वपूर्ण चर्चा का आयोजन किया, जिसमें उन्होंने विभिन्न सामयिक मुद्दों पर अपनी स्पष्ट और ठोस प्रतिक्रिया व्यक्त की।

विशेष रूप से,
उन्होंने अवैध शराब की बिक्री के बढ़ते मामलों के प्रति गहरी चिंता जताई, यह कहते हुए कि इस समस्या ने पूरे राज्य में एक महामारी का रूप धारण कर लिया है। उनका कहना था कि इस अवैध शराब के व्यापार में स्वयं सरकार भी संलिप्त है, जो इस काली कमाई में लाभ उठा रही है। उन्होंने यह भी बताया कि कैसे राज्य में लगातार नई शराब की दुकानों का खुलना इस बात का सबूत है कि अवैध कारोबार को बढ़ावा दिया जा रहा है।

आगे बढ़ते हुए,
दीपक ने सरकार के द्वारा उठाए जा रहे युक्ति युक्त कारणों के प्रति भी कड़ी आलोचना की। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार 10,463 स्कूलों को बंद करने की योजना बना रही है, जो कि शिक्षा के अधिकार का उल्लंघन है। इसके साथ ही, उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सरकार अधिशेष दिखाकर प्रदेश के शिक्षकों को उनके पदों से हटा रही है और इसके स्थान पर अपने चहेते लोगों को नौकरियों में प्रमोट कर रही है।

इस संदर्भ में,
उन्होंने कहा कि युक्ति युक्तकरण का तंत्र अब एक वसूली का अड्डा बन चुका है, जहाँ खुलेआम धन की मांग की जा रही है।

इसके अतिरिक्त,
बिजली की समस्या पर भी दीपक ने टिप्पणी की और कहा कि पिछले डेढ़ साल के शासन में बिजली की व्यवस्था पूर्ण रूप से चौपट हो चुकी है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि गांवों और शहरों में नागरिकों को कई घंटों तक अंधेरे में रहना पड़ रहा है, और लो वोल्टेज की समस्या दिन-ब-दिन गंभीर होती जा रही है। उन्होंने यह арг्यूमेंट पेश किया कि इस स्थिति में सरकार की विफलता स्पष्ट है।

अंत में,
दीपक ने प्रदेश में कानून व्यवस्था को लेकर भी अपनी चिंता व्यक्त की, यह दर्शाते हुए कि शासन व्यवस्था में सुधार की आवश्यकता है ताकि नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। उनकी यह व्यापक बातें सरकार की नीतियों और कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाती हैं, जो प्रदेश के विकास और कल्याण के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।
उन्होंने हाल ही में बीजेपी के प्रशिक्षण शिविर को लेकर सरकार की नीतियों और कार्यशैली पर गंभीर प्रश्न उठाए।

इस संदर्भ में,
उन्होंने विशेष रूप से इस बात की ओर ध्यान आकर्षित किया कि यह शिविर मैनपाट में आयोजित किया जा रहा है, जो कि एक प्रमुख स्थान है।

इसके आलावा,
उन्होंने यह भी बताया कि अक्सर सरकार की महत्वपूर्ण मीटिंग चित्रकूट में आयोजित होती है। चित्रकूट के संदर्भ में उन्होंने उल्लेख किया कि वहां का पानी जब खोल दिया जाता है, तो इसके परिणामस्वरूप इंद्रावती नदी में जल स्तर काफी घट जाता है, जिससे वहाँ की पर्यावरणीय स्थिति पर नकारात्मक असर पड़ता है।

अब,
यह विचार करने की बात है कि जिन विधायकों और सांसदों को यहां मैनपाट में प्रशिक्षण दिया जा रहा है, उनके पहले मंत्रियों का भी प्रशिक्षण हो चुका है। इस प्रकार की गतिविधियों को उन्होंने ‘पॉलिटिकल टूरिज्म’ के रूप में परिभाषित किया, जो दर्शाता है कि क्या यह राजनीतिक कार्यों का एक भाग है या फिर सिर्फ़ एक दर्शनीय आयोजन। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इस प्रकार के आयोजन जनता के वास्तविक मुद्दों से ध्यान भटकाने का प्रयास हो सकता है, और यह राजनीति के प्रति एक नई दृष्टि की आवश्यकता को दर्शाता है।

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