राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और सुनील घनवत के नाम से फर्जी लेटर जारी जिनके खानदान के लिए तमाम हिंदू संगठन की हुई प्रेस वार्ता कहा हिंदू संगठनों के खिलाफ चल रहा षड्यंत्र
रायपुर, अमृत टुडे/ समस्त हिंदू संगठन अपने-अपने विवेक और प्रयोजनों के अनुसार एक दूसरे के पूरक के रूप में देश की सेवा में कार्यरत हैं। इन संगठनों का मुख्य उद्देश्य भारत को एक हिंदू राष्ट्र के रूप में स्थापित करना है, जिसके लिए विभिन्न संगठन एकत्रित रूप से प्रयासरत हैं।

हाल ही में,
लगभग दो महीनों पहले, एक विवादास्पद पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसमें कुछ आपत्तिजनक टिप्पणियों के साथ-साथ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और सुनील धनवट का नाम उल्लेखित किया गया था। इस पत्र में ऐसी बातें लिखी गई थीं, जिनका उद्देश्य हिंदू संगठनों के बीच आपसी मतभेद पैदा करना और उन्हें एक-दूसरे के खिलाफ भड़काना था।

हालांकि,
इस पत्र की सामग्री का खंडन करने के लिए हिंदू संगठनों ने एक प्रेस वार्ता का आयोजन किया, जिसमें उन्होंने अपनी एकजुटता और सकारात्मक सहयोग का समर्पण किया। साथ ही, इस पत्र के लेखक के खिलाफ उचित कार्रवाई की मांग करते हुए उन्होंने पुणे में एक प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराई और बाद में राजधानी रायपुर में भी संबंधित पुलिस अधीक्षक को एक शिकायत पत्र प्रेषित किया। इस पत्र में स्पष्ट किया गया कि हिंदू संगठनों के खिलाफ एक सुनियोजित साजिश चल रही है, जिसका उद्देश्य संगठन को कमजोर करना है।
हिंदू संगठन अपने कार्यों को पांच मूल मंत्रों के आधार पर संचालित करते हैं, जिनमें प्रमुख रूप से धर्मांतरण को रोकना, लव जिहाद के मामलों में कानूनी कार्रवाई करना, हिंदू देवी- देवताओं के प्रति अनर्गल टिप्पणियों पर कठोर प्रतिक्रिया देना, हलाला कानून के अनुसार कार्य करना, और अंततः हिंदू राष्ट्र के निर्माण की दिशा में संगठन का प्रयास करना शामिल है। इस पृष्ठभूमि में, हाल में सामने आए विवाद और साजिशों के खिलाफ जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से प्रेस वार्ता आयोजित की गई।

