डोंगरगढ़, अमृत टुडे । बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर की तस्वीर पर कीचड़ और गोबर फेंके जाने की दुखद और अपमानजनक घटना से आक्रोशित बौद्ध समाज के लोगों ने शनिवार को डोंगरगढ़ में चक्काजाम कर दिया, जिसके परिणामस्वरूप क्षेत्र में यातायात प्रभावित हुआ। यह घटना विशेष रूप से शहर के वार्ड क्रमांक 8, बधिया टोला में घटित हुई, जहां शुक्रवार की रात किसी अज्ञात व्यक्ति ने हाल ही में लगाए गए पोस्टर पर कीचड़ फेंक दिया। घटना की जानकारी शनिवार सुबह होते ही यह वार्ड के निवासियों और बौद्ध समाज के सदस्यों तक तेजी से पहुंची, जिसके बाद लोगों में भारी आक्रोश व्याप्त हो गया।

आक्रोशित लोगों ने सड़क पर बैठकर चक्काजाम आरंभ कर दिया और उन्होंने अपमान के प्रति अपनी गहरी नाराजगी व्यक्त की, साथ ही साथ प्रशासन से उचित कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शन कर रहे लोगों का कहना था कि बाबा साहेब का यह अपमान किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट रूप से इस बात की मांग की कि आरोपी की तुरंत गिरफ्तारी की जाए, अन्यथा वे अपना आंदोलन जारी रखेंगे।
इस बीच, नगरपालिका और पुलिस ने स्थिति को संभालने के लिए मोर्चा संभाला। घटना की सूचना मिलते ही नगर पालिका की टीम मौके पर पहुंची और उन्होंने पानी डालकर पोस्टर को साफ किया। इसके साथ ही, पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने भी स्थल पर पहुंचकर प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया। अधिकारियों ने सुनिश्चित किया कि आरोपी की पहचान की जाएगी और उस पर जल्द से जल्द कार्रवाई की जाएगी, जिससे लोगों में विश्वास पुनर्स्थापित हो सके।
करीब दो घंटे तक चले चक्काजाम के बाद, जब पुलिस और प्रशासन ने बौद्ध समाज के लोगों को आश्वासन दिया, तब उन्होंने अंततः अपने विरोध प्रदर्शन को समाप्त करने का निर्णय लिया। यह स्थिति इस बात पर स्पष्ट रूप से संकेत देती है कि संवाद और आश्वासन का कितना महत्वपूर्ण महत्व है। हालांकि, इसकी समाप्ति के बावजूद, घटनाक्रम के बाद से वार्ड में तनाव का माहौल बना हुआ है, जो कि स्थानीय समुदाय की चिंता और भावना को प्रकट करता है।
स्थानीय निवासियों ने अपनी निराशा व्यक्त करते हुए कहा, “बाबा साहेब का द्वार और उनके सम्मान में लगाए गए पोस्टर लगे हुए अभी 24 घंटे भी नहीं हुए थे, और फिर भी कुछ निर्लज्ज लोगों ने उन पर कीचड़ और गोबर फेंक दिया। यह एक बेहद शर्मनाक और अपमानजनक कृत्य है जो हमारे समुदाय की गरिमा को ठेस पहुँचाता है।” उन्होंने आगे कहा कि प्रशासन को इस घटना के प्रति संज्ञान लेना चाहिए और जल्द से जल्द उचित कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि इस प्रकार की घटनाओं से समाज में गलत संदेश न जाए और हर किसी को सम्मान और शांति से जीने का अधिकार मिले।
फिलहाल, स्थानीय पुलिस विभाग ने इस मामले में एक अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ औपचारिक रिपोर्ट दर्ज कर ली है, ताकि संबंधित कानूनी प्रक्रियाओं का पालन किया जा सके। इसके साथ ही, पुलिस ने घटना से संबंधित जांच को आगे बढ़ाते हुए, आस-पास लगे सीसीटीवी कैमरों का निरीक्षण करने का निर्णय लिया है। ये कैमरे महत्वपूर्ण सबूत प्रदान कर सकते हैं, जो मामले की प्रकृति और संदिग्ध की पहचान को स्पष्ट करने में सहायता कर सकते हैं। इसलिए, पुलिस अधिकारियों ने अनुमान लगाया है कि इन वीडियो फुटेज की गहनता से जांच करने से घटना के बारे में और अधिक जानकारी प्राप्त हो सकती है, जिससे वे प्रारंभिक जांच को गति प्रदान कर सकें।

