“प्राथमिक शाला पखनाबेड़ा — शिक्षक अनुपस्थित, बच्चे घंटी बजाकर घर चले जाते”
“जब स्कूल में शिक्षक गायब हों: पखनाबेड़ा के होनहारों की मजबूरी”
कोंडागांव, 11 अक्टूबर 2025
अमृत टुडे। कोंडागांव जिले के ग्राम पंचायत करमरी स्थित प्राथमिक शाला, जो कि ग्राम पखनाबेड़ा में स्थित है, में शिक्षा प्रणाली की गंभीर स्थिति को उजागर करते हुए एक समसामयिक समस्या सामने आई है।
यहाँ पर शिक्षकों की अनुपस्थिति इतनी गंभीर हो चुकी है कि बच्चे अपने आप ही विद्यालय पहुंचते हैं, प्रार्थना करते हैं और फिर बिना किसी शिक्षक की देखरेख के छुट्टी की घंटी बजाकर अपने घर वापस लौट जाते हैं।

10 अक्टूबर को सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक वीडियो ने इस स्थिति का भंडाफोड़ किया, जिसमें यह स्पष्ट दिखाई दे रहा है कि बच्चों ने पिछले कई दिनों से इस तरह से स्कूल समाप्त किया है।
यह अत्यंत चिंताजनक है कि विद्यालय के भीतर ऐसी गतिविधियाँ चल रही हैं, जहाँ बच्चे खुद से प्रार्थना करते हैं जबकि शिक्षकों की उपस्थिति की कोई गारंटी नहीं है।
हालांकि,
विद्यालय में दो शिक्षक पदस्थ किए गए हैं, लेकिन उनकी उपस्थिति अत्यधिक अनियमित है। वे अक्सर विद्यालय नहीं आते हैं, और यदि आते भी हैं, तो कई बार वे दोपहर 3 बजे से पहले ही विद्यालय छोड़ देते हैं।

इस स्थिति के परिणामस्वरूप, बच्चे अकेले ही विद्यालय में रह जाते हैं, जिसके चलते उनकी सुरक्षा पर गंभीर सवालिया निशान उठते हैं। शिक्षकों की अनुपस्थिति का नकारात्मक प्रभाव यह भी देखने को मिला है कि बच्चों के बीच झगड़े और ध्यान भंग की घटनाएँ आम हो गई हैं।
इस समस्या को सुलझाने की आवश्यकता है ताकि बच्चे सुरक्षित वातावरण में शिक्षा प्राप्त कर सकें और उनके मानसिक व शारीरिक विकास का उचित ध्यान रखा जा सके। शिक्षकों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए ठोस उपायों की आवश्यकता है, ताकि बच्चे उचित मार्गदर्शन और समर्थन पा सकें।
हाल ही में वायरल हुए वीडियो में बच्चों को शिक्षकों की गैरमौजूदगी में प्रार्थना करते हुए और स्कूल बंद कर घर लौटते हुए देखा जा सकता है, जो कि एक जागरूकता की आवश्यकता को इंगित करता है।

