• Wed. Apr 15th, 2026
Spread the love

अमृत टुडे, रायपुर छत्तीसगढ़ 15 अप्रैल 2026 । उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने जल संरक्षण और भू‑जल स्तर की गिरावट पर गहरी चिंता जताते हुए कहा है कि जल संरक्षण और जल संवर्धन आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने लोगों से बारिश के पानी को रोकने और वाटर हार्वेस्टिंग पर गंभीरता से विचार करने की अपील की, साथ ही गाँव‑स्तरीय प्रयासों, तालाबों के भराव और छोटे‑छोटे स्टॉप डैम के माध्यम से जलस्तर को बचाने की संभावना बताई।

विवरण::*भू‑जल और जल संरक्षण की गंभीरता*:
अरुण साव ने कहा कि भू‑जल का नीचे जाना हम सबके लिए चिंता का विषय है और इसीलिए जल संरक्षण और जल संवर्धन आज की बड़ी आवश्यकता बन गई है। उन्होंने लोगों को इस बात की ज़िम्मेदारी खुद लेने के लिए प्रेरित किया कि वर्षा जल को टीन पर बह जाने पर न छोड़कर उसे संचित करने की व्यवस्था करें, ताकि भू‑जल को रिचार्ज मिल सके।

*वाटर हार्वेस्टिंग और गाँव‑स्तर पर जागरूकता*:
उन्होंने कहा कि बारिश के पानी को रोकने का, वाटर हार्वेस्टिंग के काम को गंभीरता से लेना जरूरी है। उन्होंने बताया कि वे लगातार गाँवों में जाते हैं और लोगों को सीधे कहते हैं कि वे अपने आसपास बारिश के पानी को रोकने की व्यवस्था करें, चाहे वह टैंक, तालाब या रेन‑वाटर हार्वेस्टिंग संरचनाएँ हों।

*तालाबों की भूमिका और जन‑प्रशासनिक भागीदारी*:
उन्होंने जोर देकर कहा कि तालाब हमारे बारिश के पानी से भरें, ताकि जल स्तर बना रहे और न केवल पीने का पानी, बल्कि कृषि और पशुधन की ज़रूरतें भी पूरी हो सकें। इस दिशा में जनजागरूकता जरूरी है, साथ ही सरकार के विभिन्न अभियानों और योजनाओं के जरिए प्रशासन भी लगातार काम कर रहा है, जैसे छोटे डैम, तालाबों का जीर्णोद्धार और अमृत‑सरोवर जैसी पहलें।

*सामूहिक प्रयास और बुनियादी संरचनाएँ*:
अरुण साव ने स्पष्ट किया कि सिर्फ एक व्यक्ति या सरकार अकेले जल स्तर को नहीं बचा सकती, बल्कि सामूहिक प्रयास से ही जलस्तर को सुरक्षित किया जा सकता है और बढ़ाया भी जा सकता है। उन्होंने बताया कि ग्राम और नगरों के स्तर पर अनेक छोटे‑छोटे स्टॉप डैम और रिचार्ज संरचनाएँ स्वीकृत की जा रही हैं, ताकि प्रत्येक क्षेत्र में वर्षा‑जल संग्रहण और भू‑जल‑संवर्धन की प्रक्रिया निरंतर चले और आने वाली पीढ़ियों के लिए पानी की उपलब्धता सुनिश्चित हो।

amrittoday.in



Leave a Reply

You Missed