अमृत टुडे, तिल्दा नेवरा छत्तीसगढ़
30 मई 2026 । तिल्दा नेवरा के अलदा में आयोजित विशाल किसान महासम्मेलन में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रस्तावित स्पंज‑आयरन उद्योग के विरोध में किसानों का समर्थन करते हुए कहा कि ग्रामसभा फर्जी पाई गई है और दोषियों पर तत्काल कार्रवाई होनी चाहिए; कुम्हारी जलाशय के पानी की सुरक्षा के बिना कोई समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
विवरण :: तिल्दा नेवरा के अलदा गाँव में प्रस्तावित स्पंज‑आयरन उद्योग के विरुद्ध पिछले डेढ़ वर्षों से चल रहे किसान आंदोलन ने आज विशाल किसान महासम्मेलन का रूप ले लिया, जिसमें हजारों किसान, ग्रामीण, युवा और महिलाएँ उपस्थित रहीं। सभा में उपस्थित ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि बिना जनस्वीकृति के सरपंच, सचिव और कुछ पंचों की मिलीभगत से फर्जी ग्रामसभा आयोजित कर उद्योग स्थापना हेतु एनओसी जारी की गई। आंदोलन के वे ही कारण हैं जिनपर किसानों ने लगातार विरोध और बहिष्कार जारी रखा हुआ है।

सभा को संबोधित करते हुए भूपेश बघेल ने कहा कि तीन अलग-अलग अधिकारियों की जांचों में ग्रामसभा प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताएँ और फर्जीवाड़े की पुष्टि हुई है, परंतु आज तक किसी जिम्मेदार के विरुद्ध ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने मांग की कि ग्रामसभा को फर्जी मानने पर सर्वप्रथम उन लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए जिन्होंने बिना सहमति के अनुमति प्रदान की। साथ ही पर्यावरण विभाग द्वारा दी गई स्वीकृति की वैधता पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि अनुमति फर्जी दस्तावेजों पर आधारित है तो संबंधित अधिकारियों की भी जवाबदेही तय की जाए।
महासम्मेलन में कुम्हारी जलाशय का मुद्दा प्रमुख रहा। भूपेश बघेल ने स्पष्ट किया कि कुम्हारी जलाशय का पानी लगभग 20–25 गांवों की कृषि, पशुपालन और दैनिक आवश्यकताओं के लिए अवश्यक है और किसी उद्योग को यह पानी देने का प्रयास सहन नहीं किया जाएगा।
उन्होंने पुलिस व प्रशासन पर किसानों के उत्पीड़न तथा कुछ किसानों के खिलाफ दर्ज फर्जी मामलों के आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच की माँग की।
सभा में कई कांग्रेस नेता उपस्थित थे और अंत में लोगों ने संकल्प लिया कि उनकी मांगों पर न्यायसंगत कार्रवाई नहीं होने तक आंदोलन जारी रहेगा। किसानों ने चेतावनी दी कि कुम्हारी जलाशय तथा अपनी जमीन‑पानी के अधिकारों से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।




