अमृत टुडे, कबीरधाम, छत्तीसगढ़
03 जून 2026 । पुलिस अधीक्षक धर्मेन्द्र सिंह ने माराडबरा में जनचौपाल आयोजित कर ग्रामीणों की सड़क, पेयजल, शिक्षा व स्वास्थ्य संबंधी समस्याएँ सुनीं और तात्कालिक निवारण के निर्देश दिए। कभी नक्सल प्रभावित यह क्षेत्र अब शांति, विकास और प्रशासनिक विश्वास का प्रतीक बन गया; बच्चों को शैक्षणिक सामग्री भी बांटी गई।

विवरण :: जिले के दूरस्थ वनांचल ग्राम माराडबरा में पुलिस अधीक्षक धर्मेन्द्र सिंह ने जनचौपाल आयोजित कर ग्रामीणों से सीधे संवाद स्थापित किया। कार्यक्रम का उद्देश्य पुलिस और जनता के बीच विश्वास, समन्वय और सहभागिता को मजबूत करना था। माराडबरा कभी नक्सल प्रभाव से ग्रस्त रहा, पर निरंतर सुरक्षा, प्रशासनिक मौजूदगी और स्थानीय सहयोग से अब यह क्षेत्र शांति और विकास की ओर अग्रसर है।

जनचौपाल में ग्रामीणों ने सड़क, पेयजल, विद्युत, शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़े मुद्दे उठाए। पुलिस अधीक्षक ने सभी शिकायतों को ध्यान से सुना और मौके पर जिन समस्याओं का त्वरित समाधान सम्भव था, उनके निवारण के निर्देश दिए। जिन मामलों में प्रशासनिक हस्तक्षेप आवश्यक होगा, उन पर उक्त जानकारी जिला प्रशासन को भेजी जाएगी ताकि शीघ्र कार्यवाही हो सके।

इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक ने बच्चों को पाठ्य सामग्री—कॉपी, पेन व पेंसिल—वितरित कर शिक्षा की महत्ता पर जोर दिया और उन्हें विद्यालय नियमित आने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि पुलिस का कर्तव्य केवल कानून-व्यवस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज के हर वर्ग के साथ विश्वास बनाना और विकास को सशक्त करना भी है।
माराडबरा में यह पहल स्थानीय नागरिकों में सकारात्मक ऊर्जा का स्रोत बनी है; जनचौपाल से पुलिस-प्रशासन और ग्रामीणों के बीच संवाद और भरोसा और मज़बूत होगा तथा वनांचल विकास के समन्वित मॉडल को नई दिशा मिलेगी।


